Business Desk – Foreign Exchange Reserves List : किसी भी देश के सेंट्रल बैंक के पास जमा विदेशी मुद्रा के भंडार को ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ या ‘फॉरेक्स रिजर्व’ कहा जाता है. ये भंडार डॉलर, येन या यूरो के रूप में हो सकते हैं. साथ ही इनमें सोना या अन्य संपत्तियां भी शामिल हो सकती हैं. ये भंडार केवल दूसरे देशों की मुद्राओं का प्रतिनिधित्व ही नहीं करते, बल्कि इन्हें किसी देश की ‘आर्थिक ढाल’ कहना ज्यादा सही होगा.

अगर किसी देश की घरेलू मुद्रा का मूल्य गिरने लगे, तो इन विदेशी मुद्रा भंडारों का इस्तेमाल खास तौर पर विदेशी मुद्रा बेचकर घरेलू मुद्रा खरीदने के जरिए उस मुद्रा के मूल्य को स्थिर करने और उसे सहारा देने के लिए किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, जब भारतीय रुपये के मूल्य में तेजी से गिरावट आती है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अमेरिकी डॉलर बेचकर रुपए को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप करता है.

इसके विपरीत, अगर किसी देश के पास विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त मात्रा में नहीं है, तो उसकी मुद्रा में अस्थिरता आने का खतरा रहता है और महंगाई बढ़ने लगती है. इन परिणामों का देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर अनिवार्य रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

दुनिया में सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार किस देश के पास है?

अब तक आप शायद यह समझ गए होंगे कि किसी देश के सेंट्रल बैंक के पास विदेशी मुद्रा भंडार होना कितना जरूरी है. इसका देश की अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा असर पड़ता है. आइए अब जानते हैं कि दुनिया भर में इस समय सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार किस देश के पास है. इस सूची में सबसे ऊपर चीन का नाम है.

विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में शीर्ष 5 देश

  1. चीन इस सूची में पहले स्थान पर है, जिसके पास कुल $3,643,149 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है.
  2. जापान इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जिसके पास कुल $1,394,750 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है.
  3. स्विट्जरलैंड के पास कुल $1,077,735 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है.
  4. रूस के पास $755,400 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है.
  5. भारत पांचवें स्थान पर है. जिसके पास $688,058 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है. चीन के विशाल विदेशी मुद्रा भंडार के पीछे का कारण.

चीन के पास इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार होने का मुख्य कारण यह है कि उसका ज़्यादातर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है. चीनी कंपनियां अपनी कमाई अमेरिकी डॉलर में करती हैं, जिसे वे बाद में अपने घरेलू बैंकिंग चैनलों के जरिए बदलती हैं.

नतीजतन, ये डॉलर चीन के सेंट्रल बैंक में जमा होते रहते हैं. फिर इन जमा भंडारों का इस्तेमाल अक्सर अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियां (Government Securities) खरीदने के लिए किया जाता है.

भारत के पास कितना विदेशी मुद्रा भंडार है?

अगस्त 2025 के आँकड़ों के अनुसार, भारत के पास लगभग $688,058 मिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार है. भारत की रैंकिंग में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है.