भुवनेश्वर. 1997 से 2024… लंबा और उतार-चढ़ाव से भरा 27 वर्षों का ऐतिहासिक राजनीतिक सफर. साल 1997 में आधुनिक ओडिशा के निर्माता माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के आकस्मिक निधन के बाद राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था. उस खालीपन को भरने के लिए अचानक राजनीति के मैदान में उतरे उनके सुपुत्र नवीन पटनायक ने अपनी निष्कलंक एवं स्वच्छ छवि, दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट जनसमर्थन के बल पर खुद को ओडिशा की माटी का ‘नेता नंबर-1’ साबित कर दिखाया. लगातार 24 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में ओडिशा की सत्ता संभालने वाले यह बेहद लोकप्रिय और जनप्रिय नेता आज अपने जीवन के 80वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं.
17 अप्रैल 1997 को बीजू बाबू के देहांत के बाद आस्का लोकसभा उपचुनाव से नवीन पटनायक के सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी. वर्ष 1998 में वे केंद्र की तत्कालीन एनडीए सरकार में खनन मंत्री बने. इसके बाद उन्होंने अपने पिता की स्मृति में ‘बीजू जनता दल’ (बीजद) का गठन किया और साल 2000 में हिंजिली विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.
सत्ता संभालने के बाद उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की कड़ी नीति अपनाई और अपनी एक बेदाग छवि गढ़ी. साल 2004, 2009, 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में लगातार शानदार जीत हासिल कर वे ओडिशा के अजेय नेता बन गए. 2009 में बीजेपी से चुनावी गठबंधन तोड़कर अकेले चुनाव मैदान में उतरना हो या 2014 में पार्टी के मुख्य रणनीतिकार प्यारेमोहन महापात्र के बिना भी प्रचंड बहुमत हासिल करना— नवीन ने अपने हर राजनीतिक फैसले और ‘मास्टरस्ट्रोक’ से यह साबित कर दिया कि वे संगठन और सियासत दोनों के मंझे हुए खिलाड़ी हैं.
मात्र एक रुपये किलो चावल की योजना से लेकर ‘ममता’, ‘हरिश्चंद्र सहायता’ और ‘बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना’ (BSKY) जैसी अनगिनत जनकल्याणकारी योजनाओं ने नवीन पटनायक को राज्य के हर गांव और हर घर में एक अत्यंत लोकप्रिय व आत्मीय नाम बना दिया. वे केवल एक शासक नहीं, बल्कि ओडिशा की जनता के एक भरोसेमंद सेवक के रूप में स्थापित हुए.
आज भले ही वे सत्ता में नहीं हैं, लेकिन विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी वे जनता के बीच उतने ही लोकप्रिय और आदरणीय हैं. उनके 80वें जन्मदिन के इस खास अवसर पर महाप्रभु श्री जगन्नाथ से यही प्रार्थना है कि वे उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें.

