Business Desk – Fortune India Top-100 : फॉर्च्यून इंडिया ने देश के टॉप-100 अमीर उद्योगपतियों की नई लिस्ट जारी की है। इस बार देश के सबसे अमीर दो उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दोनों की कुल संपत्ति सालभर में 1.41 लाख करोड़ रुपए कम हुई है। इसके बावजूद मुकेश अंबानी पहले और गौतम अडाणी दूसरे नंबर पर बने हुए हैं।

लिस्ट के मुताबिक, टॉप-100 में शामिल कई उद्योगपतियों की संपत्ति में गिरावट आई है। इनकी कुल संपत्ति में 4.26 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज हुई। इसमें सबसे बड़ी गिरावट मुकेश अंबानी की संपत्ति में रही। उनकी संपत्ति करीब 82 हजार करोड़ रुपए घट गई। वहीं, गौतम अडाणी की संपत्ति करीब 59 हजार करोड़ रुपए कम हुई।

अंबानी की संपत्ति में सबसे बड़ी गिरावट

मुकेश अंबानी की संपत्ति में करीब 82 हजार करोड़ रुपए की कमी आई है। इसके बावजूद वे फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में सबसे ऊपर हैं। वहीं, गौतम अडाणी की संपत्ति में करीब 59 हजार करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज हुई और वे दूसरे स्थान पर कायम हैं। यानी दोनों की संपत्ति में बड़ी गिरावट के बावजूद देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सावित्री जिंदल को सबसे बड़ा फायदा

जहां अंबानी और अडाणी की संपत्ति घटी, वहीं कुछ उद्योगपतियों की संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी हुई। सावित्री जिंदल की संपत्ति में करीब 1 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। यह इस सूची में संपत्ति बढ़ने के लिहाज से सबसे बड़ा उछाल है। इस बढ़ोतरी के साथ सावित्री जिंदल देश की सबसे प्रमुख महिला उद्योगपतियों में अपनी स्थिति और मजबूत करती नजर आ रही हैं।

श्याम और हरि भारती की संपत्ति 78% बढ़ी

प्रतिशत के लिहाज से देखें तो श्याम भारती और हरि भारती की संपत्ति में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई। दोनों की संपत्ति में करीब 78% का इजाफा दर्ज किया गया। यह बढ़ोतरी उन उद्योगपतियों की अलग तस्वीर दिखाती है, जिनकी संपत्ति में इसी अवधि के दौरान तेजी आई, जबकि देश के शीर्ष अमीरों में शामिल कुछ दिग्गजों की संपत्ति घटी।

13 उद्योगपति पहली बार टॉप-100 में

इस बार फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में 13 उद्योगपति पहली बार शामिल हुए हैं। इनमें माइनिंग कंपनी रुंगटा माइंस से जुड़े नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा भी शामिल हैं। दोनों पहली बार इस सूची में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं और 61वें नंबर पर हैं। यह माइनिंग कारोबार से जुड़े नए नामों की बढ़ती हिस्सेदारी को भी दिखाता है।

7.70 लाख करोड़ रुपए बढ़ी संपत्ति

लिस्ट में कई उद्योगपतियों की संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी भी हुई है। इनके समूह की कुल संपत्ति करीब 7.70 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है। यानी एक तरफ अंबानी-अडाणी जैसे शीर्ष उद्योगपतियों की संपत्ति में बड़ी कमी आई, वहीं दूसरी तरफ कई अन्य उद्योगपतियों की संपत्ति में हुई तेज बढ़ोतरी ने देश के अमीरों की पूरी तस्वीर को संतुलित किया है।

इस बार की लिस्ट में क्या बदला?

फॉर्च्यून इंडिया की इस सूची से साफ है कि देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में सालभर के दौरान काफी उतार-चढ़ाव आया। अंबानी और अडाणी की संपत्ति में कुल 1.41 लाख करोड़ रुपए की कमी के बावजूद दोनों शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं।

दूसरी ओर, सावित्री जिंदल की संपत्ति में करीब 1 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। श्याम भारती और हरि भारती की संपत्ति प्रतिशत के लिहाज से 78% बढ़ी। वहीं, रुंगटा माइंस के नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा पहली बार टॉप-100 में शामिल हुए हैं।