कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बीएसएफ भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक युवक ने अपनी जगह दूसरे व्यक्ति यानी सॉल्वर को बैठाकर एसएससी परीक्षा,फिजिकल और मेडिकल टेस्ट तक पास कर लिया। इतना ही नहीं, युवक बीएसएफ की ट्रेनिंग भी करने पहुंच गया,लेकिन अंतिम बायोमैट्रिक सत्यापन में फिंगरप्रिंट मिसमैच होने से पूरा खेल उजागर हो गया। अब पुलिस FIR दर्ज कर भर्ती फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
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दरअसल मामला बीएसएफ कांस्टेबल जीडी भर्ती-2025 से जुड़ा है,जबलपुर के रांझी निवासी शिव सिंह ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये देकर अपनी जगह एक अज्ञात सॉल्वर को परीक्षा दिलवाई। सॉल्वर ने एसएससी की लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल और मेडिकल टेस्ट भी पास कर लिया। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवक का चयन हो गया और वह बीएसएफ के बेंगलुरु ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग के लिए भी पहुंच गया।बताया जा रहा है कि ट्रेनिंग के दौरान अंतिम दस्तावेज सत्यापन और बायोमैट्रिक जांच में युवक के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदन पत्र, ई-एडमिट कार्ड और भर्ती रिकॉर्ड में लगी तस्वीरों का मिलान किया।
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पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपये देकर अपनी जगह दूसरे व्यक्ति से परीक्षा और मेडिकल टेस्ट दिलवाया था,मामले की सूचना मिलने के बाद ग्वालियर के बिजौली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह भर्ती परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई थी। अब जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि भर्ती प्रक्रिया में किसी संगठित सॉल्वर गैंग की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। परीक्षा केंद्र से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, बायोमैट्रिक डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल था।
बहरहाल बीएसएफ जैसी संवेदनशील सुरक्षा एजेंसी की भर्ती में सामने आए इस फर्जीवाड़े ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि इस सॉल्वर गैंग के पीछे कौन लोग हैं और इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है।

