कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘चीता परियोजना’ को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने वन मंत्री को पत्र लिखकर कूनो नेशनल पार्क में बड़े भ्रष्टाचार और चीतों की संख्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने आरोप लगाया है कि वन विभाग चीतों की वास्तविक संख्या को लेकर गुमराह कर रहा है और पूरे मामले की सर्वदलीय जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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‘चीतों को बेचा गया और शिकार हुआ’ — वन मंत्री को लिखा पत्र
ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने वन मंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि कूनो नेशनल पार्क में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों ने सांठगांठ कर चीतों का शिकार कराया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चीतों को बेच दिया गया। जिससे करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ।
विधायक ने कहा कि वन विभाग चीतों की वास्तविक संख्या को लेकर लोगों को गुमराह कर रहा है और पर्यटकों को भी चीतों का दीदार कराने से बच रहा है।डॉ. सिकरवार ने पत्र में मांग की है कि कूनो नेशनल पार्क में मौजूद सभी चीतों की गणना और सत्यापन के लिए सर्वदलीय जांच समिति गठित की जाए। उनका कहना है कि संयुक्त जांच दल मौके पर जाकर चीतों की वास्तविक संख्या और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि सच सामने आ सके।
डिप्टी सीएम का पलटवार- ‘कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा’
इधर कांग्रेस विधायक के आरोपों पर मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वह अनर्गल आरोप लगाते हुए विचलित भी हो रही है। देवड़ा ने कहा कि कांग्रेस के ऐसे बयानों पर टिप्पणी करना भी बेकार है।
क्या कहते हैं कूनो के आंकड़े?
वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फिलहाल कुल 50 चीते मौजूद हैं। इनमें 20 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जबकि 30 चीते सुरक्षित बाड़ों में रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि चीता परियोजना पूरी तरह वैज्ञानिक निगरानी में संचालित की जा रही है,ऐसे में एक तरफ कांग्रेस विधायक ने चीता परियोजना में बड़े भ्रष्टाचार और चीतों के गायब होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर सरकार इन्हें पूरी तरह निराधार बता रही है।
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अब देखना होगा कि कांग्रेस विधायक द्वारा लगाए गए इन सनसनीखेज आरोपों के बाद क्या सरकार कूनो नेशनल पार्क की स्थिति को लेकर कोई नया स्पष्टीकरण या जांच के आदेश जारी करती है, या फिर यह मामला सिर्फ एक सियासी बयानबाजी बनकर रह जाता है।

