कांग्रेस सांसद ने नायब सरकार और HPSC पर साधा निशाना, कहा- आरक्षित वर्गों के सैकड़ों पद खाली छोड़ युवाओं के साथ किया अन्याय
Haryana PGT Recruitment Controversy : चंडीगढ़। हरियाणा में PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती के परिणाम को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) पर अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
सुरजेवाला ने कहा कि शिक्षा विभाग ने PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2019 में जारी किया था, लेकिन भर्ती पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2023 में दोबारा भर्ती निकाली गई और 2 अगस्त 2026 को इसका परिणाम घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि आठ साल तक भर्ती पूरी नहीं होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि SC वर्ग के लिए आरक्षित 342 पदों में से केवल 53 पदों पर चयन किया गया, जबकि 289 पद खाली छोड़ दिए गए।
इसी तरह BC-A वर्ग के 171 पदों में से केवल 105 पद भरे गए और 66 पद रिक्त रह गए। वहीं EWS वर्ग के 171 पदों में से सिर्फ 62 पदों पर चयन हुआ, जबकि 109 पद खाली छोड़ दिए गए।
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार और HPSC यह कह रहे हैं कि इन वर्गों में पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले, जबकि हरियाणा के दलित, पिछड़ा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा पूरी तरह सक्षम, शिक्षित और प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार की दलित, पिछड़ा और गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय दलित, पिछड़ा और गरीब वर्ग के हितों की बात करती है, लेकिन नौकरी देने की बारी आती है तो इन्हीं वर्गों के युवाओं के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के सैकड़ों पद खाली छोड़ना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
सुरजेवाला ने मांग की कि सरकार इस भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करे, रिक्त पदों को भरने के लिए आवश्यक कदम उठाए और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित करे।
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