शिवम मिश्रा, रायपुर। वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार के ढाई साल की विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में आदिम संस्कृति, सांस्कृतिक जैव-विविधता के संरक्षण के साथ-साथ हरित विकास और ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बस्तर की आदिम संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए 572 देवगुड़ियों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का काम किया गया है। इस कार्य पर ढाई वर्षों में 19 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिली गति

हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण और वितरण किया गया। मंत्री के मुताबिक वर्ष 2024 में निर्धारित लक्ष्य से एक करोड़ अधिक 3 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण एवं वितरण हुआ। वर्ष 2025 में लक्ष्य के मुकाबले 215 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए 3 करोड़ 55 लाख पौधे रोपे और वितरित किए गए। वहीं वर्ष 2026 के अभियान में अब तक 2 करोड़ 23 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया जा चुका है।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कई योजनाओं का लाभ

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण का मूल्य 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा है, जिसे देश में सर्वाधिक बताया गया। इसके अलावा 7 लाख 14 हजार संग्राहकों को 153 करोड़ रुपये प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया गया है। महिला मुखिया संग्राहकों को 12 लाख 40 हजार जोड़ी चरण पादुका वितरित की गई, जबकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई।

36 हजार क्विंटल से ज्यादा वनोपज की खरीदी

वन मंत्री ने बताया, वनोपज के क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर 36,580 क्विंटल वनोपज की खरीदी की गई। इसके एवज में संग्राहकों को 16 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से 181 हर्बल उत्पाद तैयार किए गए हैं, जिनका मूल्य 4 करोड़ 42 लाख रुपये बताया गया है।

35 बाघ और 355 हाथियों के संरक्षण पर फोकस

वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। मंत्री ने बताया कि राज्य में 35 बाघों और 355 हाथियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने पर भी विभाग का जोर है।

425 नए गांवों तक पहुंची बस सेवा

मंत्री कश्यप ने बताया, परिवहन क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 425 नए गांवों तक बस सेवा शुरू की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने का दावा किया गया है। परिवहन विभाग की सेवाओं को डिजिटल किया गया है। इसके तहत RC और ड्राइविंग लाइसेंस की होम डिलीवरी शुरू की गई है। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से लोगों को परिवहन कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी संस्कृति के संवर्धन, वन आधारित आजीविका को मजबूत करने और गांवों तक बेहतर परिवहन सुविधाएं पहुंचाने के साथ छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति देना है।

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