हरदोई में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे समेत तीन लोगों का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के लिए सूखी लकड़ी और जगह नहीं मिलने पर महिला और उसके अविवाहित बेटे को दफनाया गया, जबकि तीसरे मृतक का दाह संस्कार हुआ.
हरदोई. शहर कोतवाली क्षेत्र में सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास शनिवार को हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे समेत तीन लोगों का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के लिए सूखी लकड़ी और जगह नहीं मिलने के कारण विद्यावती और उनके अविवाहित बेटे सुहेल के शव दफन किए गए, जबकि रमेश का दाह संस्कार किया गया.
अस्पताल जा रहे थे तीनों
लोनार कोतवाली क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल की बहन कामिनी को प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शनिवार को उनका प्रसव होना था, जिसकी जानकारी मिलने पर सुहेल अपने बहनोई रमेश के साथ शुक्रवार रात भुवनपुरवा पहुंचा था.
शनिवार को सुहेल अपनी मां विद्यावती और बहनोई रमेश के साथ अस्पताल जा रहा था. इसी दौरान सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास हुए सड़क हादसे में तीनों की मौत हो गई.
पोस्टमार्टम के बाद मिले शव
हादसे के बाद शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए और रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारी की गई.
रविवार सुबह परिजनों को न तो सूखी लकड़ी मिल सकी और न ही अंतिम संस्कार के लिए सूखी जगह उपलब्ध हो पाई. ऐसी स्थिति में विद्यावती के शव को दफन किया गया.
मां-बेटे को दफनाया
विद्यावती के साथ उनके बेटे सुहेल का शव भी दफन किया गया. सुहेल अविवाहित था, जबकि तीसरे मृतक रमेश का दाह संस्कार किया गया. इस तरह सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोगों का अंतिम संस्कार अलग-अलग तरीके से करना पड़ा.


