मोहाली। चार हत्या समेत कई संगीन मामलों में शामिल गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला आखिरकार पंजाब पुलिस के शिकंजे में आ ही गया. कड़ी मेहनत के बाद इस शातिर का पता लगा, जो विदेश में छिपा हुआ था. पंजाब पुलिस लगातार इसकी छानबीन कर रही थी. खबर ही की इसे रविवार को इंडोनेशिया से डिपोर्ट कर उसे मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाया गया.

एयरपोर्ट में पुलिस टीम तैनात है जो यहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अमृतसर पुलिस ने गैंगस्टर को अपनी हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. रविवार शाम एजीटीएफ की टीम गैंगस्टर को लेकर एयरपोर्ट पहुंची. किसी भी तरह की स्थिति से निपटने और सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा. बाहर निकलते ही अमृतसर पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया. इस दौरान गैंग्सटर के चेहरे को काले कपड़े से ढक दिया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच उसे अमृतसर ले जाया गया.

लंबे समय से था विदेश में

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गैंगस्टर जोबन बिल्ला लंबे समय से विदेश में रहकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ किस अपराध दर्ज है, जिसमे पंजाब में चार हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों सामने आए हैं. जांच एजेंसियों का मानना है कि विदेश में कौन है कर लगातार भारत में रह रहे उसके लोगों से संपर्क में था, जिससे उसे यहां की कई जानकारी मिल जाती थी. जब पुलिस को पता भला तो विदेश में छुपे गैंगस्टर का पता लगाने लगी, जिसके बाद उसे भारत लाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया.

इस अभियान में करीब 6 माह तक एजीटीएफ, ओएफटीईसी पंजाब और केंद्रीय एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी, खुफिया इनपुट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बनाकर कार्रवाई की. इसके बाद इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से उसे डिपोर्ट कर भारत लाया गया.

इन बिंदु पर होगी अहम जाँच

पुलिस ने अब कई बिंदु बनायेंगें जिस पर अब जांच की जाएगी. गैंगस्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और पंजाब में सक्रिय उसके नेटवर्क की जांच की जाएगी, जिसमें पता पता पता चलेगा कि वह और इसके संपर्क में है. विदेश में रहते हुए वह किन लोगों के संपर्क में था, गैंग का संचालन कैसे कर रहा था और किन मामलों में उसकी भूमिका रही है.

इसके साथ ही गैंगस्टर को पैसे की फंडिंग कहां से होती थी और अन्य फरार साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी. पंजाब पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को भी कानून के दायरे में लाने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रखी जाएगी.