बठिंडा। सितंबर 2025 में बठिंडा के गांव जीदा में विस्फोटक तैयार करने का मामला सामने आया था, जिसे गुरप्रीत सिंह और उसके पिता गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस केस की जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए जो यह साबित करते हैं कि वह आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है. आपको बात दे कि 11 सितंबर 2025 को थाना नेहियांवाला क्षेत्र के गांव जीदा में विस्फोटक तैयार करने के दौरान विस्फोट हो गया था.

इस पूरे केस में मोहाली की विशेष एनआईए अदालत ने उसकी आरोपमुक्ति की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य हैं. एनआईए की चार्जशीट में गुरप्रीत के कथित ऑनलाइन कट्टरपंथ, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव, इंटरनेट गतिविधियों और फंड जुटाने से संबंधित साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है. इसके बाद इस केस में आगे सुनवाई होगी.

विस्फोटक पदार्थ तैयार करने का आरोप

अदालत ने गुरप्रीत सिंह के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 व 5 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18, 23(1) और 38 के तहत आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली कार्रवाई अब इन्हीं धाराओं के तहत आगे बढ़ेगी. मामले में 28 अक्टूबर 2025 को नए सिरे से केस दर्ज किया गया था. इसके बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में लेकर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की. अब आरोपी के खिलाफ यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी.