कुंदन कुमार, पटना। गर्दनीबाग धरना स्थल पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों की संख्या में छात्र अचानक अपनी आवाज बुलंद करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आधिकारिक आवास को घेरने पहुंच गए। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन और अचानक हुए जमावड़े को देखकर कुछ पलों के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि, स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रशासनिक सख्ती दिखाने के बजाय खुद बड़प्पन दिखाते हुए अपने आवास का मुख्य दरवाजा खोला और बाहर निकल आए। उन्होंने बिना किसी देरी के सीधे तौर पर आंदोलनरत छात्रों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को बेहद इत्मीनान से सुना।
युवाओं और शिक्षकों के हित में लगातार काम कर रही है सरकार
छात्रों से रूबरू होते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि युवाओं और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार खुद तत्परता से काम कर रही है।
मंत्री ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिशा में लगभग सभी जरूरी औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही, लगातार उठ रही सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग पर भी सकारात्मक रूप से काम किया जा रहा है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या तनाव में न आएं और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुट जाएं।


संगीत शिक्षकों को मिला विशेष भरोसा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
प्रदर्शन के दौरान विशेष रूप से पहुंचे संगीत शिक्षकों की मांगों पर भी शिक्षा मंत्री ने खुलकर बात की। उन्होंने संगीत के शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए विशेष भरोसा दिया कि आप सभी की चिंताओं का समाधान किया जाएगा और आपके भविष्य के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारी सरकार का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य राज्य के विद्यालयों में उच्च कोटि के और अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। मंत्री के इस सकारात्मक और स्पष्ट आश्वासन के बाद धरना स्थल से पहुंचे छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने राहत की सांस ली।


