गौरव जैन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले के जनपद पंचायत गौरेला में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना (पूर्व में मनरेगा) के तहत भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में आवास मित्र के रूप में कार्य कर चुके हेतराम राठौर ने तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार पर ₹5000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, हेतराम राठौर के पिता धर्मलाल के नाम पर बने पशु शेड के मूल्यांकन के बदले यह रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि तकनीकी सहायक ने कार्य के मूल्यांकन के लिए ₹5000 की मांग की, जिसमें से ₹4000 का भुगतान जनपद पंचायत कार्यालय की छत पर किया गया।
पीड़ित हेतराम राठौर का कहना है कि उन्होंने इस पूरे लेनदेन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
देखें VIDEO
हेतराम राठौर ने बताया कि रिश्वत देने के बावजूद संबंधित फाइल लंबे समय से लंबित रखी गई है और काम अब तक पूरा नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
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