गया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। थाईलैंड की राजधानी से गया पहुंची फ्लाइट से पंजाब की दो महिलाओं को लगभग 10 किलोग्राम उच्च क्वालिटी के मारिजुआना यानी गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद खेप की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपए आंकी गई है। कस्टम विभाग और सुरक्षा बलों द्वारा इस मामले की गहरी छानबीन की जा रही है ताकि इसके पीछे के सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान खुला राज
यह पूरा मामला बुधवार का है जब दोनों आरोपी महिलाएं थाई एयरवेज की फ्लाइट के जरिए थाईलैंड से सीधे गया जी एयरपोर्ट पर उतरी थीं। एयरपोर्ट पर सामान्य सुरक्षा जांच के दौरान जब उनके सामान को एक्स-रे स्कैनिंग मशीन से गुजारा गया, तो सुरक्षाकर्मियों को अंदर कुछ संदिग्ध वस्तु होने का अंदेशा हुआ। इसके तुरंत बाद सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर उनके सामान की गहन तलाशी ली। बैग के अंदर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए चार अलग-अलग पैकेटों से करीब 10 किलो गांजा बरामद हुआ।
आठ घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
संदिग्ध सामान मिलने के बाद कस्टम अधिकारियों ने दोनों महिलाओं से लगभग आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ की और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान पंजाब की रहने वाली सिमरनजीत कौर और कुलविंदर कौर के रूप में हुई है। जांच एजेंसियां अब उनके दस्तावेजों और स्थाई पते का सत्यापन करने में जुटी हैं ताकि उनके आपराधिक इतिहास या संपर्कों का पता लगाया जा सके।
छह लोगों के ग्रुप का कनेक्शन और बढ़ता दायरा
एयरपोर्ट के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ दिन पहले कुल छह लोगों का एक दल पंजाब से थाईलैंड की यात्रा पर गया था। उसी समूह में से ये दोनों महिलाएं बुधवार को ड्रग्स की खेप लेकर वापस लौटीं, जबकि गिरोह के बाकी चार सदस्य अभी तक गया एयरपोर्ट नहीं पहुंचे हैं। इस नए खुलासे के बाद कस्टम विभाग और खुफिया एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अधिकारी अब इस एंगल से जांच कर रहे हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है और उस ग्रुप के अन्य सदस्यों की इसमें क्या भूमिका रही है।
वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ीं
गया एयरपोर्ट पर पिछले दो वर्षों के दौरान इस तरह की तस्करी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस समयावधि में लगभग चार बार भारी मात्रा में गांजा पकड़ा जा चुका है और आरोपियों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं। हालांकि, हर बार कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है और मुख्य तस्करों या सिंडिकेट तक जांच एजेंसियां नहीं पहुंच पाती हैं। गया एयरपोर्ट से लगातार संचालित हो रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, कस्टम विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां फरार चल रहे चार अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं ताकि इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

