गया। जंक्शन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कॉलेज से घर लौट रही एक छात्रा चलती ट्रेन में जल्दबाजी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल बैठी। यदि मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का एक सतर्क जवान मुस्तैद न होता, तो यह लापरवाही एक भीषण दुर्घटना में बदल सकती थी। यह पूरी घटना प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो चलती ट्रेनों में यात्रियों की जल्दबाजी और उसकी भयावहता को साफ तौर पर बयां करती है।
कैसे घटा पूरा घटनाक्रम?
यह सनसनीखेज घटना शनिवार दोपहर करीब 2:22 बजे गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर घटी। आसनसोल-वाराणसी फास्ट पैसेंजर ट्रेन गया जंक्शन पर आई थी और अपने निर्धारित ठहराव के बाद जब रवाना होने लगी, तब प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह लगातार यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने से रोक रहे थे और स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
इसी दौरान, पार्सल कार्यालय के सामने तीन महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगीं। आरपीएफ जवान ने उन्हें साफ तौर पर मना किया, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। उनमें से एक महिला तो किसी तरह ट्रेन के भीतर चढ़ने में कामयाब हो गई, लेकिन दूसरी महिला का पैर अचानक फिसल गया और वह संतुलन खोकर सीधे प्लेटफॉर्म पर धड़ाम से गिर पड़ी।
आरपीएफ जवान की देवदूत जैसी फुर्ती
जैसे ही महिला गिरी, वह फिसलकर प्लेटफॉर्म और रफ़्तार पकड़ चुकी चलती ट्रेन के बीच बने खतरनाक गैप की तरफ खींचने लगी। वहां मौजूद आरपीएफ जवान सुजीत कुमार सिंह ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने पलक झपकते ही महिला को दोनों हाथों से पकड़कर अपनी पूरी ताकत से खींच लिया और उसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म की तरफ कर लिया। जवान की इस तुरंत सूझबूझ और फुर्ती ने महिला को पहियों के नीचे आने से बाल-बाल बचा लिया।
कॉलेज से घर लौट रही थी छात्रा
आरपीएफ की जांच और पूछताछ में पता चला कि जिस छात्रा की जान बचाई गई है, उसकी पहचान औरंगाबाद जिले के रफीगंज की रहने वाली वहीदा के रूप में हुई है। वह गया के मिर्जा गालिब कॉलेज में अपनी क्लास अटेंड करने के बाद वापस घर लौट रही थी। प्लेटफॉर्म के दिल्ली छोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना कैद हो गई है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप सकती है।
आरपीएफ का ऑपरेशन जीवन रक्षा और सबक
भारतीय रेलवे के तहत आरपीएफ ने इस साहसिक और सराहनीय कार्रवाई को ऑपरेशन जीवन रक्षा का हिस्सा बताया है। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बनारसी यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह की सतर्कता के कारण ही एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल सकी।
यह घटना हम सभी के लिए एक गंभीर सबक है। चलती हुई ट्रेन में चढ़ना या उससे उतरना बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। एक पल की जल्दबाजी और छोटी सी लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा या मौत का कारण बन सकती है। यात्रियों को हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और कभी भी चलती ट्रेन में सवार होने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।

