गया। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन (विजिलेंस) टीम ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑनलाइन जमीन मापी की रिपोर्ट आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे दो विशेष सर्वे अमीनों को टीम ने खदेड़कर रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई से स्थानीय अंचल कार्यालयों और सर्वे विभाग के भ्रष्ट कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
ऑनलाइन मापी रिपोर्ट के नाम पर अवैध वसूली
पूरा मामला गया जिले के स्थानीय निवासी रोहित कुमार की शिकायत पर सामने आया है। पीड़ित रोहित कुमार ने अपनी जमीन की ऑनलाइन मैपिंग और मापी के लिए नियमानुसार विभाग में आधिकारिक आवेदन किया था।
नियमों के तहत आवेदन पर जमीन की पैमाइश कर रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड या आगे बढ़ाई जानी थी, ताकि जमीन से जुड़े कागजात और सीमांकन का रास्ता साफ हो सके। लेकिन, जब रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो संबंधित हल्का अमीन इस प्रक्रिया को अटकाकर अवैध वसूली पर उतर आए। रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के नाम पर पीड़ित से 7 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
एपीआर मॉल के पास धरे गए आरोपी
पीड़ित रोहित कुमार ने जब रिश्वतखोरी से तंग आकर एंटी करप्शन ब्यूरो (विजिलेंस) से इसकी शिकायत की, तो टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का भौतिक सत्यापन किया। शिकायत प्रथम दृष्टया और तकनीकी तौर पर पूरी तरह सही पाई गई।
इसके बाद विजिलेंस विभाग ने एक सुनियोजित योजना के तहत जाल बिछाया। मंगलवार को तय योजना के मुताबिक जैसे ही आरोपी रिश्वत की रकम लेने पहुंचे, एंटी करप्शन टीम ने एपीआर मॉल के पास उन्हें धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान विशेष सर्वे अमीन अभिषेक कुमार और दीपक कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि दोनों मिलकर इस अवैध रिश्वतखोरी के खेल को अंजाम दे रहे थे। हालांकि मुख्य डिमांड 7 हजार रुपये की थी, जिसमें दोनों की संलिप्तता पाई गई।
भागने की कोशिश, डीएसपी ने की पुष्टि
विजिलेंस की टीम को देखकर जब दोनों अमीनों को यह अहसास हुआ कि वे पकड़े जा चुके हैं, तो उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क और मुस्तैद विजिलेंस टीम ने थोड़ी मशक्कत के बाद उन्हें खदेड़कर दबोच लिया।
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एंटी करप्शन टीम के अधिकारी वसीम फिरोज (डीएसपी) ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं महकमे के अन्य भ्रष्ट कर्मियों के बीच अब कड़ा खौफ देखा जा रहा है।

