गया। जिला स्थित आमस थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ चार दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी मिलने के मात्र एक घंटे के भीतर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

​पारिवारिक समारोह से लौटते समय हुआ हमला

​घटना रविवार देर रात की है। पीड़िता अपनी एक सहेली के साथ पारिवारिक कार्यक्रम से वापस घर लौट रही थी। रास्ते में एक पुलिया के समीप चार युवक गांजा पी रहे थे। लड़कियों को अकेला देख आरोपियों ने उन्हें दौड़ाया। पीड़िता की सहेली अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रही, लेकिन आरोपियों ने पीड़िता को पकड़ लिया।

​क्रूरता की हदें पार: मुंह बांधा और मोबाइल तोड़ा

​पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपियों ने उसका मुंह गमछे से बांध दिया था ताकि वह शोर न मचा सके। विरोध करने पर आरोपियों ने पत्थर से उसका मोबाइल भी चकनाचूर कर दिया। दरिंदगी के बाद आरोपी उसे मरणासन्न स्थिति में खेत में छोड़कर फरार हो गए। देर रात जब परिजनों ने खोजबीन शुरू की, तो पीड़िता खेत में तड़पती हुई मिली।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई

​सोमवार को प्राथमिकी दर्ज होते ही थाना प्रभारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर छापेमारी की और शिशुपाल कुमार, सजन कुमार सहित दो अन्य किशोरों को गिरफ्तार किया। एफएसएल (FSL) की टीम और शेरघाटी एसडीपीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां उन्हें खून के धब्बे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

​स्पीडी ट्रायल से न्याय की उम्मीद

​प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे स्पीडी ट्रायल के जरिए निपटाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में पीड़िता और आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में ठोस चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।