Gayatri Bishnoi Controversy: पंजाब की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने AAP नेता गायत्री बिश्नोई और मनीष सिसोदिया को लेकर चंडीगढ़ के सरकारी आवास पर सवाल उठाए।

इसके जवाब में बिश्नोई ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के सरकारी आवास में रह रही हैं। उन्होंने खैरा पर उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट जाने की बात कही। पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
सुखपाल खैरा ने सरकारी बंगले को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मनीष सिसोदिया के चंडीगढ़ में सरकारी आवास में रहने को लेकर सवाल उठाए। खैरा का दावा था कि सेक्टर-39 का एक सरकारी आवास पंजाब के कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को आवंटित है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिसोदिया कर रहे हैं। इसी दौरान खैरा ने गायत्री बिश्नोई का भी नाम लिया और उनके वहां रहने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सिसोदिया और बिश्नोई के संबंधों को लेकर भी आपत्तिजनक सवाल किए। ये आरोप खैरा की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गायत्री बिश्नोई ने वीडियो जारी कर दिया जवाब
खैरा के आरोपों के बाद गायत्री बिश्नोई ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह सेक्टर-39 के उस मकान में नहीं रहतीं, जिसका जिक्र खैरा ने किया है। बिश्नोई के मुताबिक वह अपने माता-पिता के साथ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के सरकारी आवास में रह रही हैं। उन्होंने वीडियो में अपने माता-पिता को भी दिखाया और बताया कि उनके पिता हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं और चंडीगढ़ में उनका इलाज चल रहा है। बिश्नोई के अनुसार इसी वजह से उन्हें परिवार के साथ स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर रहने की अनुमति मिली है। खैरा के आरोपों पर नाराजगी जताते हुए बिश्नोई ने कहा कि उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए हैं और वह इस मामले को कोर्ट तक ले जाएंगी। उन्होंने खैरा को जेल भिजवाने तक की बात कही।
मामला पुलिस शिकायत तक पहुंचा
विवाद बढ़ने के बाद गायत्री बिश्नोई ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ पंजाब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप लगाए गए हैं। बिश्नोई ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी महिला के चरित्र पर व्यक्तिगत टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने मामले का संज्ञान लिया। आयोग की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रूप से किसी महिला के चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी गंभीर मामला है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इससे विवाद अब सिर्फ BJP-कांग्रेस या AAP-कांग्रेस की राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। मामले में पुलिस शिकायत और महिला आयोग की प्रतिक्रिया के बाद कानूनी पहलू भी जुड़ गया है।
खैरा ने भी पलटवार जारी रखा
गायत्री बिश्नोई के वीडियो के बाद सुखपाल सिंह खैरा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिश्नोई की भाषा को असंसदीय और अभद्र बताया और अपने सवाल दोहराए। खैरा ने कहा कि वह अपने लगाए आरोपों पर कायम हैं। खैरा ने बाद की पोस्ट में बिश्नोई के स्वास्थ्य मंत्री के आवास में रहने के दावे पर भी सवाल उठाए। सरकारी आवास के इस्तेमाल से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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