Lifestyle Desk :- त्योहारों का मौसम हो या घर में कोई खास अवसर, मिठाई के बिना खुशियां अधूरी लगती हैं। बाजार में मिलने वाली काजू कतली, बर्फी, लड्डू और दूसरी कई मिठाइयों पर चमकदार चांदी का वर्क लगा होता है, जो उन्हें आकर्षक बनाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिठाई पर लगी यह चमक असली चांदी की है या किसी दूसरी धातु की परत? देखने में एक जैसी लगने वाली इन परतों के बीच अंतर करना जरूरी है, क्योंकि गलत तरीके से तैयार की गई या खाद्य उपयोग के लिए अनुपयुक्त धातु की परत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में मिठाई खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सिर्फ चमक देखकर न करें असली होने का फैसला
अक्सर लोग मिठाई पर लगी चमकदार परत को देखकर ही उसे असली चांदी का वर्क मान लेते हैं। हालांकि, केवल चमक के आधार पर इसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। असली चांदी का वर्क आमतौर पर बेहद पतला, हल्का और नाजुक होता है। इसे छूने पर यह आसानी से टूट या सिकुड़ सकता है। दूसरी ओर, कुछ नकली या गैर-खाद्य परतें अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे सकती हैं। फिर भी, इन लक्षणों से किसी वर्क की प्रामाणिकता की पक्की पहचान नहीं होती।
पैकेट और लेबल की जांच जरूर करें
अगर आप पैक्ड मिठाई खरीद रहे हैं, तो उसके पैकेट पर लिखी जानकारी ध्यान से पढ़ें। सामग्री की सूची, निर्माता का नाम, बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जरूर देखें। चांदी के वर्क के लिए खाद्य उपयोग की उपयुक्तता भी महत्वपूर्ण है। खुले में बिकने वाली मिठाइयों के मामले में दुकानदार से वर्क की गुणवत्ता और उसके स्रोत के बारे में पूछ सकते हैं। साफ-सुथरी दुकान से खरीदारी करना और विश्वसनीय विक्रेता को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प है।
रंग और बनावट पर भी दें ध्यान
असली चांदी का वर्क आमतौर पर सिल्वर रंग का होता है और रोशनी पड़ने पर चमकता है। यदि परत का रंग असामान्य दिख रहा हो, उसमें दाग हों या वह असमान तरीके से लगी हो, तो सावधानी बरतें। हालांकि, केवल रंग देखकर असली और नकली वर्क के बीच अंतर करना संभव नहीं है। कुछ दूसरी धातुओं की परतें भी चांदी जैसी दिखाई दे सकती हैं। इसलिए मिठाई की बनावट और रंग को केवल शुरुआती संकेत मानें, अंतिम प्रमाण नहीं।

घरेलू नुस्खों पर न करें आंख बंद करके भरोसा
इंटरनेट पर अक्सर ऐसे दावे मिलते हैं कि चांदी के वर्क को रगड़ने, जलाने या पानी में डालने से उसकी असलियत पता चल जाती है। लेकिन ये तरीके भरोसेमंद नहीं हैं और इनसे वर्क की खाद्य सुरक्षा भी साबित नहीं होती। खासतौर पर मिठाई को जलाकर या किसी रसायन का इस्तेमाल करके जांच करने से बचें। सही जानकारी के लिए प्रमाणित जांच या विश्वसनीय खाद्य सुरक्षा स्रोतों पर भरोसा करना बेहतर है।
खाद्य सुरक्षा के नियमों को समझें
भारत में खाद्य पदार्थों पर इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। खाद्य उपयोग के लिए तैयार चांदी का वर्क निर्धारित शुद्धता और निर्माण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसलिए ऐसी मिठाई खरीदें, जिसके निर्माण और बिक्री में स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता हो। ध्यान रखें कि असली चांदी होना और उसका खाद्य उपयोग के लिए सुरक्षित होना, दोनों महत्वपूर्ण बातें हैं।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ख्याल
1-विश्वसनीय और साफ-सुथरी दुकान से ही मिठाई खरीदें।
2-मिठाई को खुली धूल, मक्खियों और गंदगी से बचाकर रखा गया हो।
3-पैक्ड मिठाई पर सामग्री और निर्माता की जानकारी जांचें।
4-बहुत ज्यादा चमकदार परत को असली चांदी का प्रमाण न मानें।
5-संदेह होने पर दुकानदार से वर्क की गुणवत्ता और स्रोत के बारे में पूछें।
याद रखें मिठाई की खूबसूरती उसकी चमक से बढ़ सकती है, लेकिन खरीदारी में सबसे जरूरी है उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा। थोड़ी-सी सावधानी आपको मिलावटी या अनुपयुक्त सामग्री से बचाने में मदद कर सकती है और त्योहारों की मिठास को भी बरकरार रख सकती है।

