चंडीगढ़। पंजाब में कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी माने जाने वाले राजबीर सिंह घुम्मन पेश नहीं हुए। इसके बाद से चर्चा का बाजार गर्म हो गया है, इस बीच घुम्मन के पेश नहीं होने के बीच सीबीआई की 251 पेज की प्राथमिकी सामने आई है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में हुई सुनवाई और बहस तक का पूरा ब्योरा दर्ज है.

आपको बता दें कि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जांच में जुटी सीबीआई

सीबीआई ने यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अपने हाथ में लिया है. प्राथमिकी में ईडी की ईसीआईआर/जेएलजेडओ/21/2024 जांच तथा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत पंजाब पुलिस को दी गई सूचना का उल्लेख किया गया है.

इन विषयों पर आधारित है जांच

खबर है कि इसमें सरकारी फैसलों को कथित रूप से प्रभावित कर तबादलों और नियुक्तियों, नीतिगत फैसलों, टेंडर, लाइसेंस और प्रशासनिक मंजूरियों में लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही है.

मंगलवार को कई ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई

घुम्मन को समन किए जाने से एक दिन पहले मंगलवार को सीबीआई की टीमों ने पंजाब में कई ठिकानों पर जांच की थी. चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय के अलावा मोहाली और संगरूर में भी सीबीआई की टीमें पहुंची थीं. संगरूर में राजबीर सिंह घुम्मन के आवास और मोहाली में उनके भाई के घर पर भी जांच की गई. इसके बाद सीबीआई ने घुम्मन को पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वह बुधवार को सीबीआई कार्यालय नहीं पहुंचे.

251 पेज की एफआईआर में ईडी की कार्रवाई का ब्योरा
सीबीआई की 251 पेज की प्राथमिकी में ईडी की ओर से की गई जांच और उसके दौरान सामने आई सामग्री का विस्तार से उल्लेख है. ईडी ने तबादलों और पोस्टिंग से जुड़े 21 मामलों तथा कई वाट्सऐप बातचीत का हवाला दिया है. अब आगे की पूछताछ और जांच में सभी की निगाह टिकी हुई है.