गंजाम। ओडिशा के गंजाम जिले में हुए गिड़िपबाली भूस्खलन स्थल पर जारी राहत एवं बचाव कार्य को बुधवार को खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। दूसरी ओर, इस भयानक हादसे में लापता लोगों के परिजनों ने अब अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई है। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को आधिकारिक रूप से समाप्त करने से पहले एक आखिरी प्रयास करने का निर्णय लिया है।

गंजाम और कंधमाल जिलों के जिलाधिकारियों तथा कंधमाल पुलिस अधीक्षक (SP) ने मंगलवार को किलापंगा स्थित राहत शिविर का दौरा किया और प्रभावित 9 परिवारों से मुलाकात की।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवारों ने कहा कि वे इस भीषण त्रासदी को स्वीकार कर अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।

परिजनों ने लापता रिश्तेदारों का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार करने की अनुमति मांगी है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अंतिम संस्कार संपन्न कराने तथा उनके जीवन को पुनः व्यवस्थित करने में हर संभव सहायता देने का पूरा आश्वासन दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में पिछले कई दिनों से हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), लाइफ डिटेक्शन मशीन, डॉग स्क्वायड, आईआईटी (IIT) विशेषज्ञों और रेलवे की टीमों को लगाया गया था। नियंत्रित विस्फोट भी किए गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, घटनास्थल पर अभी भी कम से कम 30 फीट गहरा मलबा जमा है। इलाके में लगातार तीन बार हुए भूस्खलन के कारण मलबे की विशाल परत जम चुकी है, जिससे खुदाई का काम बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। प्रशासन का कहना है कि अधिक ब्लास्टिंग करने से नए भूस्खलन का खतरा बन सकता है, जिससे रेस्क्यू टीम के जवानों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम में सुधार होते ही बचाव कार्य को 1-2 दिनों के लिए फिर से शुरू किया जाएगा। परिजनों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, रेस्क्यू ऑपरेशन को औपचारिक रूप से बंद करने से पहले लापता लोगों की तलाश का एक अंतिम प्रयास किया जाएगा।

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