पंकज श्रीवास्तव, छपरा। एकमा और महाराजगंज रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने संयुक्त रूप से इन स्टेशनों का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों की सक्रियता के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस दौरे को और अधिक खास बना दिया।
निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
शीर्ष रेलवे अधिकारियों के स्टेशन पहुंचते ही महकमे में हलचल तेज हो गई। अधिकारियों ने परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत ब्योरा दिया। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और स्थानीय विधायक हेम नारायण साह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं, रेल यात्री सुविधाओं की जरूरतों और लंबित विकास योजनाओं पर गहन चर्चा की। स्थानीय नागरिकों ने भी मौके पर पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और उन्हें जल्द पूरा करने का विशेष आग्रह किया।

पटना-गोरखपुर ट्रेन की मांग ने पकड़ा जोर
इस पूरे दौरे के बीच स्थानीय जनता और यात्रियों की एक सबसे बड़ी मांग सबसे आगे उभरकर सामने आई। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री रोजाना पटना, गोरखपुर और अन्य बड़े शहरों के लिए सफर करते हैं। क्षेत्र में लंबी दूरी की और सीधी ट्रेनों की पर्याप्त सुविधा न होना यात्रियों के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रमुखता से मांग उठाई है कि पटना से गोरखपुर के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव या परिचालन महाराजगंज स्टेशन से भी सुनिश्चित किया जाए। लोगों का विश्वास है कि यदि महाराजगंज को इस मुख्य रेल सेवा से जोड़ दिया जाता है, तो न केवल महाराजगंज बल्कि आसपास के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को भी आवागमन में भारी राहत मिलेगी।
जनता में जगी उम्मीद की नई किरण
रेलवे के शीर्ष अधिकारियों द्वारा किए गए इस औचक और गंभीर निरीक्षण के बाद एक बार फिर से स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों की उम्मीदें परवान चढ़ने लगी हैं। जनता को पूरा भरोसा है कि जिस तरह से रेलवे प्रशासन स्टेशनों के भौतिक विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, ठीक उसी तरह यात्रियों की इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा और सुविधाओं के विस्तार की मांग पर भी रेलवे जल्द ही कोई सकारात्मक और जनहितैषी निर्णय लेगा।

