बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने पिछले साल अरपोरा स्थित नाइटक्लब में लगी भीषण आग के मामले में बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को हादसे में जान गंवाने वाले 25 लोगों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान सुनाया।
बिर्च बाय रोमियो लेन अग्निकांड में 25 लोगों की हुई थी मौत
यह दर्दनाक हादसा पिछले साल 6 दिसंबर की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में हुआ था। भीषण आग की चपेट में आने से कुल 25 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में नाइटक्लब के 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल थे। इस घटना में 50 लोग घायल भी हुए थे।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का मुद्दा अदालत के समक्ष उठाया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने का आदेश दिया।
किस्तों में देना होगा मुआवजा, कोर्ट ने तय की समयसीमा
पीड़ित परिवारों की ओर से पेश वकील प्राची सावंत के मुताबिक, अदालत ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सौरभ और गौरव लूथरा को यह राशि किस्तों में चुकाने की अनुमति दी गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 नवंबर तक पांच लाख रुपये, दिसंबर में पांच लाख रुपये और शेष 10 लाख रुपये का भुगतान अगले साल फरवरी तक करना होगा।
अन्य कानूनी दावे करने का अधिकार रहेगा सुरक्षित
वकील प्राची सावंत ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम मुआवजा स्वीकार करने से पीड़ित परिवारों के अन्य कानूनी दावे करने का अधिकार समाप्त नहीं होगा। यानी परिवार कानून के तहत उपलब्ध अन्य विकल्पों के जरिए भी राहत मांग सकेंगे। बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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