Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर ई-20 पेट्रोल (E-20 Petrol) लाने वाली मोदी सरकार एक और एक्सपेरिमेंट करने जा रही है। इस बार मोदी सरकार सीएनजी-पीएनजी (CNG-PNG) में बायोगैस मिलाने का एक्सपेरिमेंट (प्रयोग) करने जा रही है। केंद्रीय कैबिनटे की इस पर मुहर भी लग चुकी है। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में गोबरधन योजना (Gobardhan Yojana) को स्वीकृति दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में 23,731 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना (GOBARdhan) को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना है।

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया किसीएनजी और पीएनजी में ब्लेंडिंग के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में तीन प्रतिशत, 2027-28 में चार प्रतिशत और 2028-29 से आगे पांच प्रतिशत ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय किया है। योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां सरकार की ओर से तय अनिवार्य मिश्रण (ब्लेंडिंग) लक्ष्य को पूरा करने के लिए बायोगैस खरीदेंगी।

भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक बड़ा कदमः सरकार

सरकार ने इस योजना को भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक बड़ा कदम बताया है। योजना के तहत कृषि अवशेष, गोबर, चीनी मिलों से निकलने वाला प्रेसमड, नगर निकायों का जैविक कचरा और अन्य बायोमास से स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार किए जाएंगे। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। योजना के तहत बायोगैस उत्पादन के लिए एक व्यापक और एकीकृत व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके तहत उत्पाद की सुनिश्चित खरीद (ऑफटेक), स्थिर कीमत, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन से जुड़ाव, ऋण सहायता और नई तकनीक के विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे देश के स्वच्छ ऊर्जा तंत्र को मजबूती मिलेगी।

10 वर्षों के लिए तय होगी बायोगैस की कीमत

योजना के तहत उत्पादकों को लंबे समय तक आय की निश्चितता देने के लिए सरकार ने न्यूनतम 10 वर्षों की मूल्य व्यवस्था तय की है। इसके तहत बायोगैस की प्रशासनिक कीमत 2,110 रुपये प्रति मेट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट निर्धारित की गई है।

किसानों की आय बढ़ेगी, आयातित ईंधन पर निर्भरता होगी कम

सरकार का कहना है कि इस योजना से आयातित जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता घटेगी। इसके साथ ही नवीकरणीय गैस का उत्पादन बढ़ेगा। किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।

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