हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर अंदरूनी विवाद सामने आया है। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने स्थानीय सांसद कुमारी सैलजा को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कई सवाल उठाए हैं। सेतिया ने आरोप लगाया कि पार्टी में संगठन की नियुक्तियां करते समय स्थानीय विधायक से कोई चर्चा नहीं की गई और उनके विरोधियों को ही जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

सेतिया ने कहा कि सिरसा में पार्टी प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन में नियुक्तियां करते समय उनसे सलाह लेना भी जरूरी नहीं समझा। उन्होंने सवाल किया कि अगर उन्हें उचाना का प्रभारी बनाया जाता, तो क्या वे वहां के स्थानीय नेताओं और दावेदारों से बातचीत किए बिना फैसला लेते?

विधायक ने उचाना दौरे के बाद सिरसा से जुड़े संगठनात्मक फैसलों पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उचाना की यात्रा के कुछ दिन बाद वहां के नेताओं को सिरसा का प्रभारी बनाया गया। सेतिया ने कहा कि इतनी बड़ी नियुक्ति वरिष्ठ सांसद की सहमति के बिना होना मुश्किल है।

इसी को लेकर उन्होंने कुमारी सैलजा से सीधे सवाल करते हुए कहा कि आखिर सांसद को उनसे क्या परेशानी है, यह बात खुलकर बताई जानी चाहिए।

गोकुल सेतिया ने विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान सांसद ने उनके समर्थन में अपने साथियों को लाने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने नगर परिषद चुनाव में भी सांसद के करीबियों पर कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया।

सेतिया ने कहा कि अब सिरसा में पार्टी के भीतर उनके विरोधियों को संगठन में जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। उन्होंने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उनका अब तक चुप रहना इस बात का संकेत नहीं था कि उन्हें पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।