Business News – Gold Investment Tips Diwali : भारत में सोना सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि परंपराओं और शुभ अवसरों से भी जुड़ा है। दिवाली, धनतेरस, करवा चौथ और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों के साथ शादियों और दूसरे पारंपरिक कार्यक्रमों में सोना खरीदना शुभ माना जाता है। पहले लोग मुख्य रूप से गहने और सिक्के खरीदते थे, लेकिन अब डिजिटल तरीके से भी सोने में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं।

29 अक्टूबर को करवा चौथ मनाया जाएगा। इसके बाद धनतेरस और दिवाली का त्योहार आएगा। ऐसे में अगर आप भी सोना खरीदने या उसमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है। सोने के गहने और सिक्कों से लेकर गोल्ड ETF, गोल्ड म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड तक, हर विकल्प की अपनी खासियत और सीमाएं हैं।

त्योहारों पर सोने में निवेश के 5 तरीके

  1. सोने के गहने खरीदें

सोना खरीदने का यह सबसे पारंपरिक तरीका है। त्योहारों और शुभ अवसरों पर लोग गहने खरीदते हैं या अपनों को उपहार में देते हैं। अगर आपका मकसद सोने को पहनना और साथ ही संपत्ति के रूप में रखना है, तो गहने एक विकल्प हो सकते हैं।

हालांकि, केवल निवेश के लिए गहने खरीदना महंगा पड़ सकता है। गहनों की कीमत में सोने के अलावा मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी शामिल होते हैं। बेचते समय मेकिंग चार्ज आमतौर पर वापस नहीं मिलता। इसलिए निवेश के लिहाज से गहने खरीदने से पहले इन अतिरिक्त खर्चों को समझना जरूरी है।

  1. सोने के सिक्के खरीदें

धनतेरस और दिवाली पर सोने-चांदी के सिक्के खरीदने और उपहार में देने की परंपरा है। गहनों की तरह इनमें डिजाइन और मेकिंग चार्ज का खर्च आमतौर पर कम हो सकता है, हालांकि यह विक्रेता और सिक्के के प्रकार पर निर्भर करता है।

सिक्का खरीदते समय उसकी शुद्धता, वजन, कीमत और विक्रेता की विश्वसनीयता जरूर जांचें। यह भी पता कर लें कि भविष्य में उसे बेचने या वापस देने पर क्या शर्तें लागू होंगी। सिक्के परंपरा निभाने और फिजिकल गोल्ड रखने का विकल्प हैं, लेकिन खरीद और बिक्री के बीच कीमत का अंतर आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।

  1. डिजिटल गोल्ड में निवेश करें

डिजिटल गोल्ड के जरिए मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर छोटी रकम से भी सोना खरीदा जा सकता है। इसमें घर पर सोना रखने की जरूरत नहीं होती, इसलिए उसे चोरी होने या सुरक्षित रखने की चिंता कम हो जाती है।

हालांकि, डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म, सोने के भंडारण और बिक्री की शर्तें समझें। इसमें खरीद-बिक्री के बीच कीमत का अंतर और दूसरे शुल्क लागू हो सकते हैं। डिजिटल गोल्ड को शेयर बाजार में कारोबार होने वाले गोल्ड ETF जैसा न समझें। इसके नियामकीय संरक्षण और जोखिम अलग हो सकते हैं।

  1. गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड

अगर आप सोने को गहनों या सिक्कों के रूप में रखने के बजाय वित्तीय निवेश करना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड पर विचार कर सकते हैं।

गोल्ड ETF शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते हैं और इन्हें खरीदने-बेचने के लिए आमतौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है। इनकी कीमत सोने के बाजार भाव से प्रभावित होती है। गोल्ड म्यूचुअल फंड के जरिए भी सोने की कीमत से जुड़े निवेश का विकल्प मिल सकता है। कुछ फंड गोल्ड ETF में निवेश करते हैं और इनमें निवेश की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

इन विकल्पों में गहने रखने या लॉकर की जरूरत नहीं होती। हालांकि, फंड के खर्च, बाजार के उतार-चढ़ाव और लागू नियमों को समझकर ही निवेश करना चाहिए।

  1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) भारत सरकार की ओर से जारी की जाने वाली सोने से जुड़ी प्रतिभूतियां हैं। इनमें निवेश का मूल्य सोने की कीमत से जुड़ा होता है और निर्धारित शर्तों के तहत ब्याज भी मिलता है।

फिलहाल नए SGB इश्यू उपलब्ध न होने की स्थिति में निवेशक इन्हें स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्धता के आधार पर खरीदने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन बाजार में इनका भाव, खरीद-बिक्री की तरलता और उपलब्धता अलग-अलग हो सकती है। इन्हें खरीदने से पहले मैच्योरिटी, ब्याज, टैक्स और समय से पहले बेचने की शर्तें समझना जरूरी है। सरकारी जारीकर्ता होने के बावजूद बाजार भाव में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

सोना खरीदने से पहले इन 5 बातों का ध्यान रखें

विश्वसनीय ज्वेलर चुनें: गहने या सिक्के प्रतिष्ठित विक्रेता से ही खरीदें।

हॉलमार्क जांचें: सोने के गहनों की शुद्धता और हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी जरूर देखें। जरूरत पड़ने पर BIS Care ऐप की उपलब्ध सुविधाओं से सत्यापन करें।

पक्का बिल लें: बिल में वजन, शुद्धता, सोने की कीमत और लगाए गए शुल्क की जानकारी होनी चाहिए।

डिजिटल प्लेटफॉर्म की जांच करें: डिजिटल गोल्ड खरीदने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, शुल्क, बिक्री और डिलीवरी की शर्तें समझें।

निवेश का उद्देश्य तय करें: पहनने के लिए गहने, परंपरा के लिए सिक्के और वित्तीय निवेश के लिए ETF या म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों की तुलना करें।

ध्यान रखें: सोने की कीमत घट-बढ़ सकती है और कोई भी विकल्प निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं देता। निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता, लागत और निवेश की अवधि को ध्यान में रखें।