Technology Desk: Google ने अपने नए और बेहद शक्तिशाली AI मॉडल Gemini 4 Argon को पेश कर दिया है। कंपनी के CEO सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि मॉडल को जटिल वर्कफ्लो, साइबर डिफेंस और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में फ्रंटियर-लेवल परफॉर्मेंस के लिए तैयार किया गया है।
सुंदर पिचाई के मुताबिक, Google की आंतरिक टीमें पहले से ही Argon का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कोडिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे जटिल कार्यों में कर रही हैं। यह पहली बार है जब Google ने अपने किसी AI मॉडल के नाम में ‘Argon’ का इस्तेमाल किया है।
10 लाख टोकन की आउटपुट लिमिट
Google Gemini 4 Argon को जटिल वर्कफ्लो में गहरी सोच और लंबे कार्यों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। मॉडल की आउटपुट टोकन लिमिट 10 लाख टोकन बताई गई है। इतनी बड़ी लिमिट के कारण यह लंबे और जटिल टास्क में सैकड़ों हजारों टोकन तक reasoning करने में सक्षम है।
कंपनी के अनुसार, कई बेंचमार्क में Argon ने GPT-6 Astra और Claude Fable 5.1 जैसे एडवांस AI मॉडल्स के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

कई बेंचमार्क में दमदार प्रदर्शन
Walls Knowledge Work Benchmark में Gemini 4 Argon ने 68.9% स्कोर हासिल किया। वहीं GPT-6 Astra का स्कोर 63.1% और Claude Fable 5.1 का स्कोर 65.8% बताया गया है।
कोडिंग से जुड़े Vibe Code Benchmark में भी Argon ने 91.9% स्कोर हासिल किया। तुलना में Claude Fable 5.1 ने 90.3% और GPT-6 Astra ने 89.6% स्कोर किया।
हालांकि, Google के नए मॉडल ने हर बेंचमार्क में बढ़त हासिल नहीं की है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक कुछ अन्य परीक्षणों में Argon दूसरे एडवांस मॉडल्स से पीछे भी रहा है।
साइबर सिक्योरिटी में भी इस्तेमाल
Gemini 4 Argon की प्रमुख क्षमताओं में साइबर सिक्योरिटी को भी शामिल किया गया है। Google का कहना है कि मॉडल सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को खुद खोजने, उनकी पुष्टि करने और जरूरी पैच तैयार करने में सक्षम है।
Google की साइबर सिक्योरिटी कंपनी Wiz भी Argon का इस्तेमाल कर रही है। एक डेमो के दौरान मॉडल ने स्वास्थ्य संबंधी सॉफ्टवेयर में एक गंभीर सुरक्षा कमजोरी की पहचान की। Google के अनुसार, पिछले फ्रंटियर मॉडल्स इस कमजोरी को पहचानने में सफल नहीं हुए थे।
इस क्षमता के जरिए Google Argon को सामान्य AI असिस्टेंट से आगे बढ़ाकर साइबर डिफेंस और सॉफ्टवेयर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग करने की दिशा में काम कर रहा है।
अभी आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं
फिलहाल Gemini 4 Argon की उपलब्धता सीमित रखी गई है। इसे Fairwind प्रोग्राम के जरिए चुनिंदा साइबर डिफेंडर्स और अमेरिकी सरकार को उपलब्ध कराया गया है।
सुंदर पिचाई के मुताबिक, मॉडल का रोलआउट चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। भविष्य में इसका एक्सेस पेड API ग्राहकों और Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए बढ़ाया जाएगा।
कितनी है Gemini 4 Argon की शुरुआती कीमत?
Google के मुताबिक, शुरुआती कीमत इनपुट के लिए 2 डॉलर प्रति मिलियन टोकन रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 190 रुपये बैठती है।
वहीं आउटपुट की कीमत 10 डॉलर प्रति मिलियन टोकन यानी करीब 950 रुपये प्रति मिलियन टोकन है।
बाद में कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। उस स्थिति में इनपुट की कीमत 4 डॉलर प्रति मिलियन टोकन और आउटपुट की कीमत 20 डॉलर प्रति मिलियन टोकन तक पहुंच सकती है।
AI की रेस में Google का नया दांव
Gemini 4 Argon की लॉन्चिंग Google के लिए सिर्फ एक नए AI मॉडल की शुरुआत नहीं है। कंपनी इसे कोडिंग, जटिल प्रोफेशनल वर्क, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
फिलहाल इसकी सीमित उपलब्धता के कारण आम यूजर्स के लिए इसका व्यापक इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है। हालांकि, Google द्वारा जारी शुरुआती बेंचमार्क और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े दावे बताते हैं कि कंपनी अपने नए मॉडल को हाई-एंड AI और जटिल प्रोफेशनल वर्कफ्लो के लिए लक्षित कर रही है।

