गोरखपुर में रामलीला समिति आर्यनगर की 109वीं वर्षगांठ के पूजन के दौरान आठ दृष्टिबाधित युवाओं ने सुंदरकांड का पाठ और गायन-वादन प्रस्तुत किया. संतोष यादव के नेतृत्व में यह टोली करीब 15 वर्षों से धार्मिक आयोजनों में प्रस्तुति दे रही है.

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रामलीला समिति आर्यनगर की 109वीं वर्षगांठ के पूजन कार्यक्रम में आठ दृष्टिबाधित युवाओं ने सुंदरकांड का पाठ और गायन-वादन प्रस्तुत किया. ब्रेल लिपि की मदद से चौपाइयां पढ़ने वाले इन युवाओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों और अन्य लोगों का ध्यान खींचा. यह टोली करीब 15 वर्षों से धार्मिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियां दे रही है.

ब्रेल लिपि से सुंदरकांड

इन युवाओं का संबंध गोरखपुर के साथ महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया जिलों से है. टोली की अगुवाई संतोष यादव करते हैं. ज्ञान प्रकाश शर्मा कैसियो बजाते हैं, जबकि दीपू मिश्रा ढोलक संभालते हैं. सतीश यादव और संतोष यादव सुंदरकांड का पाठ करते हैं.

ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि ब्रेल लिपि में उपलब्ध पुस्तकों के सहारे उन्होंने सुंदरकांड का नियमित अभ्यास किया है. उंगलियों से अक्षरों को पहचानते हुए सभी साथी चौपाइयां पढ़ते हैं और संगीत के साथ अपनी प्रस्तुति देते हैं.

15 वर्षों से जारी साधना

संतोष यादव के मुताबिक, यह टोली पिछले करीब 15 वर्षों से अभ्यास कर रही है और अलग-अलग आयोजनों में प्रस्तुति देती रही है. उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में लोगों से मिलने वाला स्नेह और सम्मान उनके लिए आशीर्वाद के समान है. उनका मानना है कि प्रभु श्रीराम ने उन्हें अपनी आवाज के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का अवसर दिया है.

संतोष यादव ने गोरखपुर के दृष्टिबाधित विद्यालय का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि विद्यालय ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद की, जिसके लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने कानपुर से डिग्री हासिल की है, जबकि उनके अन्य साथी भी स्नातक हैं.

रामलीला समिति ने चुनी प्रस्तुति

रामलीला समिति आर्यनगर के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने बताया कि समिति हर वर्ष रामलीला के आयोजन में कुछ विशेष पहल करने का निर्णय लेती है. इस बार मंच पूजन के दौरान दृष्टिबाधित युवाओं से सुंदरकांड का गायन और वादन कराने का फैसला लिया गया था.

उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपनी प्रस्तुति प्रभावशाली ढंग से दी और उपस्थित लोगों की सराहना हासिल की. रामलीला का उद्घाटन तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला 11 अक्टूबर की शाम को करेंगे.