गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेसवार्ता के दौरान हुए विवाद और मारपीट के मामले में कैंट पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं. पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई हैं और अंशुमान सिंह का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की है.

गोरखपुर. जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में शनिवार को सपा की प्रेसवार्ता के दौरान हुए विवाद और मारपीट के मामले में कैंट पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकारधर द्विवेदी की तहरीर पर दर्ज मामले में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व मंत्री मोहसिन खान, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और अभिनेत्री व सपा नेता काजल निषाद समेत 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है.

इन पर मारपीट, बलवा, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के साथ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.

प्रेसवार्ता में विवाद

ओंकारधर द्विवेदी की शिकायत के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब दो बजे प्रेस क्लब सभागार में सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम की प्रेसवार्ता चल रही थी. इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, अवधेश यादव, प्रहलाद यादव, मोहसिन खान, काजल निषाद, संजय पहलवान, शब्बीर कुरैशी, संजय निषाद, अंशुमान सिंह, कमलेश सिंह और पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव समेत अन्य लोग मौजूद थे.

तहरीर के मुताबिक, प्रेसवार्ता के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया. घटना के चलते प्रेसवार्ता कवर कर रहे पत्रकारों के बीच अफरातफरी मच गई और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटना पड़ा.

शिकायत में कुछ लोगों के असलहा लेकर प्रेस क्लब पहुंचने का आरोप भी लगाया गया है.

दूसरा मुकदमा भी दर्ज

इसी घटना को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी ने भी कैंट थाने में शिकायत दी. उनकी तहरीर पर सपा से निष्कासित अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश और विमलेश समेत 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्रेस क्लब अध्यक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है. पूर्व जिलाध्यक्ष की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं. पुलिस के मुताबिक, एक आरोपित हिरासत में है.

लाइसेंस पर कार्रवाई

हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी के मामले में फरार चल रहे अंशुमान सिंह के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराने की प्रक्रिया भी पुलिस ने शुरू कर दी है. विवेचक मुकदमे का हवाला देते हुए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजेंगे.

पुलिस अंशुमान सिंह और उनके दोनों बेटों के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है.

सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया गया है कि शनिवार दोपहर सपा जिलाध्यक्ष की प्रेसवार्ता के दौरान सीट पर बैठने को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना प्रसाद साहनी और सपा नेता अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह के बीच विवाद हुआ था. कहासुनी बढ़ने के बाद कमलेश सिंह ने पूर्व जिलाध्यक्ष को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मामला और बढ़ गया.