Govind Singh Dotasra: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। SIR में वोटर लिस्ट से नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, कथित वोट चोरी, कानून-व्यवस्था और भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली पर उन्होंने सवाल उठाए।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान विपक्ष ने चर्चा की मांग की थी, लेकिन तब भाजपा ने ध्यान नहीं दिया। अब SIR पर चर्चा की बात की जा रही है। इस दौरान कांग्रेस के दो पुराने नेताओं पूर्व सांसद खिलाड़ीलाल बैरवा और पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना की पार्टी में वापसी भी हुई।

SIR पर डोटासरा का भाजपा से सवाल, बिहार चुनाव का उठाया मुद्दा

डोटासरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेता अब लोकसभा में SIR पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार चुनाव के दौरान विपक्ष ने कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर चर्चा की मांग की थी, तब संसद में चर्चा क्यों नहीं कराई गई?

उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा की चोरी पकड़ी गई है तो संसद में चर्चा की बात की जा रही है। डोटासरा ने फॉर्म नंबर-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि किस कानून के तहत नाम जोड़े गए और फिर हटाए गए? उनका आरोप था कि चुनाव वाले राज्यों में मनमाने तरीके से मतदाता सूची में बदलाव किए जा रहे हैं। डोटासरा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से पिछले 12 साल में देश से बाहर निकाले गए बांग्लादेशी नागरिकों का आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग भी की।

भाजपा की रैली पर बोले- व्यापारियों को नुकसान हो रहा है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली के दौरान भाजपा ने व्यापारियों के कारोबार और ट्रैफिक प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था। अब भाजपा खुद धनतेरस से ठीक एक दिन पहले जयपुर में रैली निकाल रही है।

डोटासरा के मुताबिक, इससे शहर में यातायात बाधित हो रहा है। बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है और दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह अराजकता नहीं है?

भरतपुर में पूर्व विधायक की हत्या का मामला उठाया

डोटासरा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश में अपहरण की घटनाएं, बजरी और भूमि माफिया की सक्रियता तथा गैंगस्टरों की ओर से खुलेआम वसूली के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। आम लोगों के काम नहीं हो रहे हैं और उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही। स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। डोटासरा ने इन्हीं परिस्थितियों को प्रदेश में अराजकता बताया।

मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस आमजन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है, जबकि भाजपा को लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने राजस्थान में मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चयन को लेकर ‘पर्ची’ का तंज भी कसा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं। सरकार के तीन साल पूरे होने के करीब हैं और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठने पर मुख्यमंत्री बौखलाहट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि भाजपा को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

70 फीसदी सरपंच कांग्रेस विचारधारा के: डोटासरा

पंचायत चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 70 प्रतिशत सरपंच कांग्रेस विचारधारा से जीतकर आए हैं। उन्होंने नगर निगम चुनाव में भी भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले। डोटासरा ने कहा कि जिला परिषद के परिणाम आने पर कांग्रेस की भारी बहुमत से जीत सामने आएगी। उन्होंने भाजपा पर तानाशाही और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

खिलाड़ीलाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की कांग्रेस में वापसी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के दो पुराने नेताओं की पार्टी में वापसी भी हुई। करौली के पूर्व सांसद खिलाड़ीलाल बैरवा और जयपुर जिले की विराटनगर सीट से पूर्व विधायक रहे रामचंद्र सराधना फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। दोनों नेता 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर पार्टी से अलग हो गए थे। खिलाड़ीलाल बैरवा ने बसेड़ी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जबकि रामचंद्र सराधना विराटनगर से आजाद समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे थे।

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