Govind Singh Dotasra Election Commission Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर उठे विवाद के बीच राजस्थान कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 28 सितंबर को जयपुर में चुनाव आयोग मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस पूरे देश में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है।

डोटासरा ने कहा कि जयपुर में निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण घेराव का कार्यक्रम 28 सितंबर को रखा गया है। उनका कहना था कि मौजूदा विवाद केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों से जुड़ा हुआ है।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का मुद्दा क्या है?
यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ है जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, Form-6 में बदलाव और चुनावी डेटा तक पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे।
Form-6 में नए मतदाताओं से यह जानकारी मांगे जाने का मामला भी विवाद का हिस्सा है कि उनका या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव की वैधानिक प्रक्रिया को लेकर आपत्ति दर्ज की थी। वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर Form-6 के जरिए नए मतदाताओं के पंजीकरण और SIR-2026 से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं।
डोटासरा बोले- ‘वोट चोरी’ सबसे बड़ा मुद्दा
डोटासरा ने कहा कि वोट चोरी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार, बंगाल, हरियाणा और असम सहित विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है।
उन्होंने राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए जाने का भी जिक्र किया। डोटासरा ने कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हुई है।
मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया और मतदाता डेटा के प्रबंधन को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
Form-6 और मतदाता सूची के केंद्रीकरण पर सवाल
डोटासरा ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के Electoral Registration Officer (ERO) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बार मतदाता सूची से जुड़े IT सिस्टम को केंद्रीकृत किया गया।
उनका सवाल था कि जब चुनाव आयोग के भीतर से ही इस प्रक्रिया पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, तो उन पर क्या फैसला हुआ, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
यह मुद्दा हालिया रिपोर्टिंग में भी सामने आया है। जिसके अनुसार चुनाव आयुक्तों ने मतदाता डेटा तक पहुंच को केंद्रीकृत किए जाने को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े फैसलों में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
परिसीमन को लेकर भी भजनलाल सरकार पर निशाना
डोटासरा ने राजस्थान के निकाय चुनाव में हुए परिसीमन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वार्डों में मतदाताओं की संख्या में काफी अंतर है। उनके अनुसार, जोधपुर में वार्डों के बीच मतदाता संख्या का अंतर 287.7 प्रतिशत, कोटा में 66.6 प्रतिशत और भरतपुर में 55.5 प्रतिशत तक है। उन्होंने परिसीमन के मानकों और प्रक्रिया की जांच की मांग की।
डोटासरा ने जोधपुर में एक वार्ड में करीब 92 हजार और दूसरे में करीब 13,803 मतदाता होने का दावा किया। इसी तरह उन्होंने अजमेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर के वार्डों में भी मतदाता संख्या के अंतर का हवाला दिया। इससे पहले भी डोटासरा ने निकाय चुनाव में परिसीमन को लेकर सवाल उठाए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने परिसीमन को कांग्रेस के प्रदर्शन से जोड़ते हुए इसे अनुचित बताया था।
14 सितंबर के बाद 155 अपहरण की FIR का दावा
डोटासरा ने निकाय चुनाव परिणाम के बाद पार्षदों की कथित बाड़ाबंदी और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 14 सितंबर के बाद प्रदेश में 155 अपहरण की FIR दर्ज हुई हैं। उन्होंने झुंझुनूं के मलसीसर, राजसमंद, झालावाड़, नीमराना और तिजारा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई जगह कांग्रेस पार्षदों को पुलिस कार्रवाई के जरिए परेशान किया गया। इन दावों पर डोटासरा ने सरकार से जवाब मांगा। इससे पहले भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने निकाय चुनाव के दौरान पुलिस, प्रशासन और धनबल के इस्तेमाल के आरोप लगाए थे।
पंचायत चुनाव को लेकर भी डोटासरा ने किया बड़ा दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोटासरा ने आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। डोटासरा ने दावा किया कि निकाय चुनाव में भाजपा ने पुलिस और धनबल का इस्तेमाल कर ज्यादा बोर्ड बनाए, जबकि पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा को हराने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी।
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