गुमला। झारखंड के गुमला जिले में 13 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट के मामले में घटना के पांच दिन बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर 25 सितंबर 2026 को पालकोट थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर दुष्कर्म के आरोपों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
परिजनों ने चार-पांच युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन जारी है।
जांच के लिए दो सदस्यीय हाईलेवल कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने दो सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रशासनिक कमेटी गठित की है। इसमें आईएएस नेहा अरोड़ा और आईपीएस सरोजनी लकड़ा शामिल हैं। कमेटी को तीन दिनों के भीतर सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
कमेटी ने गुमला डीसी अनिमेष कुमार और समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी के साथ गांव, सदर अस्पताल और कोलेबिरा अस्पताल पहुंचकर मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की।
एसपी बोले- हर पहलू की बारीकी से जांच
गुमला एसपी हरीश बिन जमा ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों को चिह्नित करने के लिए सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
घर के बाहर गंभीर हालत में मिली थी छात्रा
परिजनों के अनुसार, 24 सितंबर की रात छात्रा घर के बाहर गंभीर और बेहोशी की हालत में मिली थी। उसके शरीर पर चोट के निशान भी बताए गए। इसके बाद उसे कोलेबिरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया।
परिजन उसे सिमडेगा के एक अस्पताल ले गए, जहां से आगे रिम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान 26 सितंबर को छात्रा की मौत हो गई।पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।


