फरीदाबाद। घर में बेटे के जन्म की खुशियां थीं। पत्नी ज्योति अपने नवजात बच्चे के साथ पति का इंतजार कर रही थी। दिनेश वशिष्ठ भी अपने बेटे से मिलने के लिए घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। करीब 28 वर्षीय सेना के जवान दिनेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया।
दिनेश फरीदाबाद के छांयसा क्षेत्र के अपने पैतृक गांव हीरापुर के रहने वाले थे। वह भारतीय सेना की 48 आर्म्ड रेजिमेंट की 22 आरआर यूनिट में एसडब्ल्यूआर रैंक पर तैनात थे। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के बारामूला में थी। सेना में सेवा देते हुए उन्हें करीब सात साल हो चुके थे।
दिनेश की शादी चार साल पहले 29 नवंबर को कोसी निवासी ज्योति से हुई थी। करीब 28 दिन पहले ही ज्योति ने बेटे को जन्म दिया था। पिता बनने की खुशी में दिनेश छुट्टी लेकर घर आ रहे थे। इसी दौरान वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद दिनेश स्वस्थ होकर घर लौटेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
हादसे के बाद दिनेश को पहले फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें बेस अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां करीब 15 दिन तक उनका इलाज चला। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
दिनेश की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और गांव में शोक छा गया। शनिवार को उनके पैतृक गांव हीरापुर में सैन्य जवान का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय ग्रामीणों की आंखें नम थीं।
दिनेश के परिवार में उनके पिता सूरज प्रकाश, बड़े भाई जयप्रकाश और दो बड़ी बहनें हैं। उनकी पत्नी ज्योति के माता-पिता का भी पहले ही निधन हो चुका है। अब ज्योति के सामने नवजात बेटे को अकेले पालने की जिम्मेदारी है।
जिस बेटे के जन्म की खुशी में दिनेश घर लौट रहे थे, वह अपने पिता के साथ समय बिताने से पहले ही उनके साये से वंचित हो गया। परिवार के लिए यह खुशी का मौका जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया।
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