गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम नगर निगम में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत के बाद दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। एक बुजुर्ग महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में देरी और परिवार से बिचौलियों के जरिए पैसे मांगने की शिकायतों की जांच में कई प्रक्रियागत खामियां सामने आई हैं। जांच में यह भी पता चला कि एक कर्मचारी का व्यक्तिगत मोबाइल नंबर SARAL पोर्टल पर 12 आवेदनों में इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने दोनों कर्मचारियों को उनकी मौजूदा तैनाती से तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया।

मामला कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के संज्ञान में आने के बाद जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर नगर निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जांच में SARAL पोर्टल, सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS), विभागीय रिकॉर्ड, कर्मचारियों के स्पष्टीकरण और दूसरे दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
SARAL पोर्टल पर 12 आवेदनों में इस्तेमाल हुआ एक नंबर
जांच के दौरान संबंधित आवेदन प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा एक कर्मचारी का व्यक्तिगत मोबाइल नंबर SARAL पोर्टल पर कुल 12 आवेदनों में इस्तेमाल किए जाने का तथ्य मिला।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों से इस बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई।
सरकारी रिकॉर्ड और सिस्टम एक्सेस लौटाने के निर्देश
जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम आयुक्त, गुरुग्राम ने दोनों कर्मचारियों को उनकी वर्तमान तैनाती से तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के आदेश जारी किए हैं। जांच रिपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड को आगे की कार्रवाई के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास भेजा गया है।
आदेश में संबंधित कर्मचारियों को सभी सरकारी फाइलें, रिकॉर्ड, उपकरण और दूसरी सरकारी संपत्ति सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उनके आधिकारिक सिस्टम एक्सेस वापस लेने को भी कहा गया है।
आवेदन सुविधा केंद्र की कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा
नगर निगम के संबंधित चिकित्सा अधिकारी को आवेदन सुविधा केंद्र (CFC) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के निजी मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल से जुड़ी व्यवस्था में जरूरी सुधार करने को कहा गया है।

पैसे मांगने के आरोपों की जांच अभी बाकी
मामले में बिचौलियों के जरिए धनराशि मांगने और लेन-देन से जुड़े आरोपों की सक्षम प्राधिकारी द्वारा आगे जांच की जानी है। फिलहाल जारी आदेश में किसी भी कर्मचारी के अवैध धनराशि मांगने या स्वीकार करने का अंतिम निष्कर्ष दर्ज नहीं किया गया है। इस मामले में आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
मंत्री विपुल गोयल ने पारदर्शिता पर दिया जोर
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर काम होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। जांच में अनियमितताएं सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। सरकारी कार्यालयों में जनहित सर्वोपरि है और लोगों को अपनी जायज सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़े, इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

