गुरुग्राम पुलिस ने बसई गांव की रहने वाली प्रिंसिपल को गुजरात से गिरफ्तार किया है। स्कूल ने 10वीं तक की फर्जी मान्यता दिखाकर बच्चों का एडमिशन लिया था, जिससे छात्र बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके।
गुरुग्राम। शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक निजी स्कूल के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर 9B स्थित ‘एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल’ (Educrust International School) की प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया को पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने 10वीं कक्षा तक की फर्जी सीबीएसई (CBSE) मान्यता दिखाकर अभिभावकों को गुमराह किया और 25 बच्चों का एडमिशन लिया। यह मामला तब खुला जब बोर्ड परीक्षा के समय छात्रों को एडमिट कार्ड (Admit Card) नहीं मिले, जिससे कई बच्चों का पूरा साल बर्बाद हो गया।
गुजरात भाग गई थी आरोपी प्रिंसिपल
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा 17 फरवरी को हुआ था, जब 10वीं के 11 छात्र गणित की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए क्योंकि स्कूल के पास एडमिट कार्ड ही नहीं थे। जांच में पता चला कि स्कूल के पास केवल 8वीं कक्षा तक की मान्यता थी, लेकिन उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाकर 10वीं के दाखिले किए और नियमित फीस भी वसूली। शिकायत दर्ज होने के बाद प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया फरार होकर गुजरात चली गई थीं। इससे पहले पुलिस स्कूल के चेयरमैन को एक महीने पहले ही जेल भेज चुकी है।
अभिभावकों में भारी आक्रोश
पीड़ित अभिभावकों का कहना है कि स्कूल ने उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। दाखिले के समय दिखाए गए सभी दस्तावेज फर्जी निकले। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना ने शहर के अन्य निजी स्कूलों की मान्यता और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस अन्य संलिप्त लोगों की तलाश कर रही है ताकि शिक्षा के नाम पर इस तरह के फर्जीवाड़े को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

