कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। Gwalior BAMS Student Protes: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर BAMS छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के छात्रों ने कॉलेज और अस्पताल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में उन्हें दूसरे राज्यों और MBBS इंटर्न की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है। मांग पूरी नहीं होने पर छात्रों ने सामूहिक रूप से डिग्री छोड़ने तक की चेतावनी दी है।

दरअसल, ग्वालियर के शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में BAMS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र हड़ताल पर हैं। छात्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में BAMS इंटर्न को हर महीने महज 9,383 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है,जबकि दूसरे राज्यों में यह राशि कहीं ज्यादा है।छात्रों ने तुलना करते हुए बताया कि तेलंगाना में करीब 29,792 रुपये, बिहार में 27 हजार, दिल्ली में 23,500 और राजस्थान में 22 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। 

वहीं, मध्यप्रदेश में MBBS इंटर्न को मिलने वाले 21,500 रुपये के मुकाबले भी BAMS छात्रों का स्टाइपेंड काफी कम है।छात्र अपनी मांग के समर्थन में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग यानी NCISM के राजपत्र विनियम 15-B का हवाला दे रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, इस विनियम में इंटर्नशिप के दौरान प्रशिक्षुओं को संबंधित सरकार के तहत दूसरी चिकित्सा प्रणालियों के बराबर स्टाइपेंड देने और चिकित्सा पद्धतियों के बीच विसंगति नहीं रखने का प्रावधान है।

छात्रों का आरोप है कि कम स्टाइपेंड देकर आयुष विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस विचार नहीं किया गया। छात्रों ने साफ किया है कि मुख्य गेट पर तालाबंदी के बाद भी यदि उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। यहां तक कि छात्रों ने सामूहिक रूप से अपनी डिग्री छोड़ने की चेतावनी भी दी है। अब देखना होगा कि छात्रों की मांग पर शासन और कॉलेज प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं।

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