कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए यह याचिका लगाई गई है। साथ ही जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त रूख दिखाया। मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव, डीजीपी समेत 10 अफसरों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

कैसे पहुंचा ट्रक? जांच की मांग

अधिवक्ता विभोर कुमार साहू ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। जिसमें समाचार रिपोर्टों का हवाला देकर कहा है कि नवरात्रि उत्सव की वजह से इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी थी। बैरिकेडिंग और पुलिस जांच चौकी होने के बाद भी प्रतिबंधित ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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याचिका में यह बातें भी

साथ ही याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से हादसे से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और प्रस्तुत करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा वाहन की तकनीकी जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, बचाव कार्य और घायलों को दी गई चिकित्सा सहायता के दस्तावेज भी कोर्ट के सामने पेश करने की मांग की है। इतना ही नहीं याचिका में ट्रक के गूगल मैप की वजह से छोटे रास्ते पर आने और ब्रेक फेल होने जैसे दावों की भी वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित जांच कराने की मांग की है।

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16 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 17 अक्टूबर (शनिवार की रात) ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास दर्दनाक हादसा हुआ था। दो ट्रक चीनोर की तरफ से आ रहा था और ढलान पर खड़ा था। रात करीब 1 बजे अचानक ब्रेक फेल होने से एक ट्रक ढलान से लुढ़का और पलटते हुए मंदिर के गेट में जा घुसा। दर्शन के लिए खड़े श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। इस घटना में 16 लोगों की मौत हुई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

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