उत्तर प्रदेश के हरदोई में चार साल की अलकाफिया की कफ सिरप की ओवरडोज से मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, बच्ची ने घर में रखी सिरप की पूरी बोतल पी ली थी और परिजन उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके.

हरदोई. जिले में कफ सिरप की ओवरडोज से चार साल की बच्ची की मौत हो गई. घटना सांडी थाना क्षेत्र के पेराड़ी गांव की है, जहां बुधवार शाम अपने फुफेरे भाई के नामकरण संस्कार में शामिल होने पहुंची अलकाफिया ने घर में रखी कोडेक्स (Codex) कफ सिरप की पूरी बोतल पी ली थी. गुरुवार सुबह तबीयत का पता चलने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

खेलते समय पी सिरप

सीओ सिटी अजीत सिंह के मुताबिक, टड़ियावां थाना क्षेत्र के हर्रई गांव निवासी सद्दाम (32) पेशे से राजमिस्त्री हैं. वह अपनी पत्नी रेहाना (28) और चार वर्षीय बेटी अलकाफिया के साथ अपनी बहन साहेबा के घर पेराड़ी गांव पहुंचे थे. परिवार वहां साहेबा के बेटे के नामकरण संस्कार में शामिल होने आया था.

बुधवार शाम करीब 7:15 बजे अलकाफिया घर में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी. इसी दौरान वह एक कमरे में पहुंची, जहां कोडेक्स कफ सिरप की बोतल रखी थी. बच्ची ने पूरी बोतल पी ली. इसके बाद जब वह ढक्कन बंद नहीं कर पाई तो बोतल लेकर अपनी दादी के पास पहुंच गई. दादी ने बिना ध्यान दिए बोतल का ढक्कन बंद कर उसे वापस रख दिया.

सुबह नहीं उठी बच्ची

सिरप पीने के बाद अलकाफिया सो गई. परिवार के लोगों को लगा कि दिनभर खेलने के कारण वह थक गई है, इसलिए रात में किसी ने उसे जगाने की कोशिश नहीं की.

गुरुवार सुबह करीब 10 बजे तक बच्ची नहीं उठी तो मां रेहाना उसे देखने कमरे में पहुंचीं. जगाने पर शरीर में कोई हलचल नहीं मिलने से परिवार घबरा गया. परिजन उसे तत्काल स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए. बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया.

सुबह 11:45 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद अलकाफिया को मृत घोषित कर दिया.

ओवरडोज बनी मौत की वजह

मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद ने बताया कि बच्ची ने कफ सिरप की अत्यधिक मात्रा का सेवन किया था. उनके अनुसार, सिरप की भारी ओवरडोज उसकी मौत का मुख्य कारण बनी.

वहीं, सीओ सिटी अजीत सिंह ने बताया कि परिजन बिना कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराए आपसी सहमति से बच्ची का शव घर ले गए. उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी

बच्चों में खांसी-जुकाम की दवाओं के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवा (DGHS) ने 3 अक्टूबर 2025 को एडवाइजरी जारी की थी. इसमें दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं नहीं देने की सलाह दी गई थी. साथ ही कहा गया था कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ऐसी दवाएं सामान्य रूप से इस्तेमाल नहीं की जानी चाहिए.

एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया था कि बच्चों को ऐसी दवाएं केवल डॉक्टर की सलाह पर और निर्धारित खुराक के अनुसार ही दी जानी चाहिए.

इस घटना के बाद बच्चों की पहुंच से दवाइयों को दूर रखने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है. खासकर कफ सिरप जैसी दवाओं को घर में सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है, ताकि बच्चे अनजाने में उनका सेवन न कर सकें.