हरिद्वार अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रमुख प्रवेश मार्गों और मेला क्षेत्र में भव्य त्रिआयामी स्वागत द्वार लगाए जाएंगे. इन द्वारों में थीम आधारित सजावट, रोशनी और सीसीटीवी की व्यवस्था होगी तथा इन्हें तय अवधि में तैयार करने की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी की होगी.

हरिद्वार. अर्धकुंभ 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए हरिद्वार और आसपास के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आध्यात्मिक व सांस्कृतिक थीम वाले भव्य त्रिआयामी स्वागत द्वार लगाए जाएंगे. मेला प्राधिकरण ने इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

चयनित एजेंसी को प्रमुख राजमार्गों के प्रवेश बिंदुओं और मेला क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर ये द्वार तैयार करने होंगे. ये सामान्य बैनर या होर्डिंग के बजाय स्टील फ्रेमवर्क पर आधारित मजबूत संरचनाएं होंगी, जिनमें थीम आधारित सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे.

स्वागत से सुरक्षा तक

इन द्वारों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में प्रवेश के दौरान मार्गदर्शन देने के साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल का अनुभव कराना भी होगा. रात के समय रोशनी और बैकअप बिजली की व्यवस्था रहेगी, जबकि सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल भीड़ प्रबंधन और निगरानी में किया जाएगा.

प्रस्तावित डिजाइनों में गंगा, शिवलिंग और समुद्र मंथन जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों को जगह दी जाएगी. एजेंसी को प्रत्येक स्थान के लिए कम से कम तीन त्रिआयामी डिजाइन विकल्प प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें से अंतिम डिजाइन को मेला प्राधिकरण मंजूरी देगा.

30 दिन में तैयार होंगे

एजेंसी को वर्क ऑर्डर मिलने के 30 दिनों के भीतर सभी स्वागत द्वार तैयार कर उन्हें चालू करना होगा. इस अवधि में साइट सर्वे, डिजाइन की मंजूरी, निर्माण, स्थापना और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े सभी काम पूरे करने होंगे.

मेला अवधि में द्वारों की नियमित देखरेख, सफाई, मरम्मत और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी. बिजली का खर्च, बैकअप सिस्टम और कर्मचारियों से संबंधित खर्च भी इसी जिम्मेदारी में शामिल रहेगा.

मेला समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर सभी द्वार हटाकर संबंधित स्थानों को पहले की स्थिति में बहाल करना होगा. संरचनाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तीसरे पक्ष की एजेंसी या आईआईटी रूड़की जैसी संस्था से प्रमाणपत्र लेना भी अनिवार्य होगा. डिजाइन तैयार करते समय हवा के दबाव और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा.

यहां बन सकते हैं द्वार

प्रस्तावित स्थानों में एनएच-58 पर रायल वृंदावन होटल के पास सिंह द्वार, हरिद्वार-देहरादून रोड का भूपतवाला चौक, बैरागी कैंप, बीएचईएल का शिवालिक नगर चौक, चंडी देवी मंदिर रोड और सहारनपुर रोड शामिल हैं.

इसके अलावा ऋषिकेश में लेमनट्री होटल के पास बद्रीनाथ रोड, अलकनंदा होटल के पास, शंकराचार्य चौक कनखल का दक्ष द्वार, पंतद्वीप पार्किंग या हरकी पैड़ी बस स्टाप, ज्वालापुर रेलवे स्टेशन और जानकी सेतु भी संभावित स्थानों में शामिल हैं.

इन स्वागत द्वारों की प्रस्तावित चौड़ाई सात से 35 मीटर और ऊंचाई आठ से 18 मीटर तक होगी. वाहनों की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए कम से कम छह मीटर की स्पष्ट ऊंचाई रखी जाएगी.

धार्मिक थीम पर जोर

स्वागत द्वारों की थीम अर्धकुंभ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी होगी. प्रस्तावित नामों में हरिद्वार कुंभ 2027 द्वार, मां गंगा द्वार, हर की पैड़ी द्वार, त्रिशूल द्वार, डमरू द्वार, ओम द्वार, नंदी द्वार, शिवलिंग द्वार, रुद्राक्ष द्वार, शंख द्वार और कलश द्वार शामिल हैं.

इसके साथ अमृत कलश, समुद्र मंथन, सुदर्शन चक्र, स्वास्तिक, नाग वासुकी, कौस्तुभ, कामधेनु, कल्पवृक्ष, ऐरावत और कच्छप द्वार की थीम भी प्रस्तावित है. मां लक्ष्मी, सूर्य, चंद्र, नीलकंठ महादेव, दक्षेश्वर महादेव, चंडी देवी, मनसा देवी, सप्तऋषि और अखाड़ा परंपरा से जुड़ी थीमों को भी इसमें शामिल किया जाएगा.