कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर विकास के दावों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पता कर लीजिए, नायब सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं भी या नहीं। उनके इस तंज पर भाजपा नेता और मंत्री कृष्ण बेदी ने भी पलटवार किया। उन्होंने मुलाना को ही ‘गुमशुदा सांसद’ बताते हुए उनकी सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए।
‘जनता जश्न नहीं मना रही, सड़कों पर पुतले फूंक रही’
वरुण चौधरी ने भाजपा के दो साल के कार्यकाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता विकास के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन जनता जश्न मनाने के बजाय सड़कों पर उतर रही है।
चौधरी के मुताबिक, किसान, मजदूर, युवा, कर्मचारी और व्यापारी तक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल को लेकर जो दावे किए हैं, उनका जवाब कांग्रेस तथ्यों के साथ देगी। उनके अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इनमें सरकार के दावों और जमीनी हालात के बीच अंतर जनता के सामने रखने की कोशिश की जाएगी।
कृष्ण बेदी ने पूछा- अब तक कहां थे सांसद?
वरुण के आरोपों पर मंत्री कृष्ण बेदी ने पलटवार करते हुए उन्हें ही निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता पूछ रही है कि ‘गुमशुदा सांसद’ अब तक कहां थे और अचानक सामने कैसे आ गए।
बेदी ने आरोप लगाया कि वरुण चौधरी पुतला फूंकने के लिए अंबाला पहुंच जाते हैं, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए बजट कहां खर्च हो रहा है, इस पर उन्हें भी विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने सांसद की गुमशुदगी के पोस्टर तक लगाए थे। सांसद को इस पर भी जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस के भीतर गुटबाजी का भी उठाया मुद्दा
कृष्ण बेदी ने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कई गुट हैं और नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस जनता के बीच विकास के मुद्दे लेकर जाने के बजाय दूसरे मुद्दों पर राजनीति कर रही है।
बेदी ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ही चलती, तो क्या वरुण चौधरी सांसद और पूजा मुलाना विधायक बन पाते? उन्होंने चुनौती दी कि यदि कांग्रेस नेताओं को चुनाव प्रक्रिया पर संदेह है, तो वे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं।
मंत्री ने कांग्रेस के 37 विधायकों के चुनाव जीतने का जिक्र करते हुए पार्टी में टूट और विधायकों के दूसरी तरफ जाने को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति और न ही स्पष्ट नेतृत्व।
अब कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर
एक तरफ वरुण चौधरी ने भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल और विकास के दावों को चुनौती दी है। दूसरी तरफ कृष्ण बेदी ने कांग्रेस सांसद की क्षेत्र में सक्रियता और उनकी पार्टी की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
अब सबकी नजर कांग्रेस की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है। इसमें पार्टी सरकार के दो साल के कामकाज को लेकर अपना पक्ष और आरोपों के समर्थन में तथ्य रखेगी। इससे हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
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