कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालेगी। इस अभियान के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी करनाल पहुंचेंगे। वह 5 नवंबर को पदयात्रा में शामिल होंगे।

पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, करनाल में पदयात्रा सुबह 10 बजे पाठक हॉस्पिटल के पास स्थित मैदान से शुरू होगी। स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद को इस आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने पदयात्रा को लेकर जानकारी साझा की है।

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार

भाजपा इस पदयात्रा के जरिए कांग्रेस के उन आरोपों का जवाब देना चाहती है, जिनमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम पर भी सवाल उठाए।

प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी का आरोप लगाने वाली पार्टी को अपने राजनीतिक इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने 1977 के घटनाक्रम का जिक्र किया। आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस्तीफा देने के बजाय देश में आपातकाल लागू कर दिया गया।

हारने पर ही क्यों याद आती है वोट चोरी?

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस के चुनावी आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे वोट चोरी नजर नहीं आती। लेकिन चुनाव हारने पर पार्टी इसी मुद्दे को उठाने लगती है। उन्होंने कांग्रेस के इस रवैये को समझ से परे बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस लगातार नए मुद्दों के जरिए राजनीतिक माहौल को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि देश में अराजकता फैलाने और भारत की तुलना बांग्लादेश, श्रीलंका तथा नेपाल जैसे देशों से करने वाले बयान उचित नहीं हैं।

भाजपा का दावा, झूठे आरोपों में नहीं आएंगे लोग

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए बार-बार आरोप लगाना और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश करना सही नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के लोग ऐसे बयानों से प्रभावित नहीं होंगे।

भाजपा की यह पदयात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। पार्टी इसे कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने और जनता के बीच अपना पक्ष रखने के अभियान के तौर पर पेश कर रही है.