चंडीगढ़। हरियाणा में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गयी हैं, इसे देखते हुए कांग्रेस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रदेश मुख्यालय में एक बड़ी समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई हैं। इस दो दिवसीय संगठन सृजन अभियान पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हैं। पार्टी का पूरा फोकस आगामी चुनावों से पहले बूथ स्तर तक अपने कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने पर है।

आज 24 जिलाध्यक्षों के काम की हो रही समीक्षा

हरियाणा कांग्रेस संगठन आज सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। पहले दिन 24 जिला अध्यक्षों के कामकाज का कड़ा रिव्यू किया जा रहा है। वहीं, 27 मई यानी कल पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, फतेहाबाद, हिसार और सिरसा समेत बाकी बचे जिलों के अध्यक्षों के साथ मंथन होगा। सभी जिला अध्यक्षों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में किए गए जनसंपर्क और अभियानों की पूरी लिखित रिपोर्ट साथ लेकर आएं। ढीले रवैये वाले पदाधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।

SIR और बूथ मैनेजमेंट पर खास फोकस

बैठक में केवल संगठन विस्तार ही नहीं, बल्कि चुनाव की सबसे मजबूत कड़ी पर भी बात हो रही है। कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर कमर कस ली है। कल यानी 27 मई को इसी सिलसिले में राज्य स्तरीय निगरानी समिति और बीएलए (BLA) पदाधिकारियों की बैठक के साथ एक ट्रेनिंग कैंप भी लगाया जाएगा।

दिल्ली दरबार की सीधी नजर

हरियाणा कांग्रेस के इस बूथ लेवल प्रोग्राम पर दिल्ली आलाकमान की भी सीधी नजर है। बैठकों में हरियाणा मामलों के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडे खुद मौजूद रहकर एक-एक फीडबैक ले रहे हैं। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी अब बिना मजबूत नेटवर्क के चुनावी मैदान में उतरने का जोखिम नहीं लेना चाहती।