कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में धान खरीद का सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां पूरी करने का दावा किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से अपील की है कि वे खरीद प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी न करें और प्रशासन का सहयोग करते हुए संयम बनाए रखें। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 249 मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है और फसल की खरीद को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया चल रही है।

मंत्री ने बताया कि खरीद व्यवस्था का एक अहम हिस्सा किसानों द्वारा पोर्टल पर दर्ज फसल का सत्यापन है। बड़ी संख्या में खेतों का सैटेलाइट के जरिए सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि बाकी मामलों में संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कर रहे हैं। इस काम के लिए जिला स्तर से लेकर गांव स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सत्यापन पूरा होने के बाद फसल के औसत उत्पादन को आधार बनाकर खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

श्याम सिंह राणा ने कहा कि इस बार मंडियों में जियो फेंसिंग (Geofencing) व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके तहत मंडी परिसर में प्रवेश की पुष्टि होने के बाद ही किसान के लिए गेट पास जारी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य मंडियों में आने वाली फसल और खरीद प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखना है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि खरीद के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि किसानों को अपनी फसल बेचने में अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित हो।

करनाल में नमो क्रिकेट लीग के समापन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने पराली प्रबंधन को लेकर भी सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए मशीनरी उपलब्ध कराई जा रही है और पराली के उपयोग के अलग-अलग विकल्पों पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को खेत में मिलाने से मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी फायदा होता है। सरकार किसानों को पराली जलाने के बजाय उसके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।