Haryana Doctor Social Media Guidelines : चंडीगढ़। हरियाणा में डॉक्टरों और अस्पतालों को सोशल मीडिया और वेबसाइट पर अपनी सेवाओं का प्रचार करते समय नियमों का ध्यान रखना होगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड की नई गाइडलाइन में इलाज की शत-प्रतिशत सफलता, चमत्कारी उपचार और खुद को नंबर-1 डॉक्टर बताने जैसे भ्रामक दावों पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद मरीजों को गलत जानकारी के आधार पर इलाज चुनने से बचाना और चिकित्सा क्षेत्र में भरोसा बनाए रखना है।

फर्जी रिव्यू और रेटिंग बढ़ाने पर भी नजर

नई गाइडलाइन के तहत डॉक्टरों और अस्पतालों की ऑनलाइन छवि चमकाने के लिए फर्जी मरीजों की समीक्षा, कृत्रिम तरीके से रेटिंग बढ़ाने और सर्च परिणामों में हेरफेर जैसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। डिजिटल प्रचार में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल भी स्वीकार्य नहीं होगा, जो मरीजों को गुमराह करे या इलाज के नतीजों को लेकर झूठी उम्मीद जगाए।

सेवाओं और योग्यताओं की जानकारी दे सकेंगे डॉक्टर

नियमों का मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर इंटरनेट पर अपनी सेवाओं की जानकारी नहीं दे पाएंगे। वे क्लिनिक का पता, परामर्श शुल्क, उपलब्ध सुविधाएं, विशेषज्ञता और मान्य शैक्षणिक योग्यताओं का तथ्यात्मक विवरण साझा कर सकेंगे। अस्पताल भी अपने विभागों, उपकरणों, आपातकालीन सेवाओं, पंजीकरण और संपर्क संबंधी जानकारी सार्वजनिक कर सकेंगे। स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी तथ्यपरक सामग्री साझा करने की भी अनुमति रहेगी।

मरीजों की निजता का रखना होगा ध्यान

मरीजों की तस्वीरें, वीडियो, मेडिकल रिकॉर्ड या इलाज से जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक करते समय गोपनीयता और सहमति संबंधी नियमों का पालन करना होगा। केवल मरीज की सहमति मिल जाना ही हर तरह के प्रचार को वैध नहीं बनाता।

नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई

गाइडलाइन के उल्लंघन पर संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल चेतावनी, नैतिकता संबंधी प्रशिक्षण, निंदा, आर्थिक दंड या पंजीकरण निलंबन जैसी कार्रवाई कर सकती है। गंभीर और बार-बार होने वाले उल्लंघनों पर अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। डॉक्टर को कार्रवाई से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील भी की जा सकेगी।

चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि बिना मान्य पंजीकरण के इलाज का दावा करने वालों और भ्रामक प्रचार करने वालों पर नियम कितनी प्रभावी तरीके से लागू होंगे। मरीजों के लिए जरूरी है कि वे केवल ऑनलाइन लोकप्रियता के बजाय डॉक्टर की योग्यता, विशेषज्ञता और अपनी चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर इलाज का चुनाव करें।

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