चंडीगढ़। हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाने का रास्ता आसान करने की दिशा में कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने भर्ती नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-C पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित परीक्षाओं से छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

इन पदों पर मिलेगी शारीरिक परीक्षाओं से भी छूट

सरकार ने कुछ पदों के लिए विशेष छूट को भी मंजूरी दी है। इनमें वाइल्डलाइफ गार्ड, इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के कांस्टेबल और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कांस्टेबल के पद शामिल हैं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के पद पर भी यह छूट लागू होगी। इन पदों के लिए पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से छूट मिलेगी, जहां ये परीक्षाएं लागू होती हैं।

यह लाभ हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की मौजूदा आरक्षण नीति के तहत दिया जाएगा।

आरक्षण के नियम भी रहेंगे लागू

सरकार के फैसले के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित आरक्षण और भर्ती नियमों के तहत नियुक्ति के लिए विचार में लिया जाएगा। हालांकि, परीक्षा से छूट मिलने का मतलब यह नहीं है कि नियुक्ति के बाकी नियम खत्म हो जाएंगे।

नियुक्ति के बाद संबंधित विभागों के सेवा नियम लागू रहेंगे। पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति के कारण किसी श्रेणी में पदों की संख्या में कमी आती है, तो उसे भविष्य की भर्तियों में समायोजित किया जाएगा।

माइनिंग गार्ड के पद को भी ग्रुप-C में लाने की मंजूरी

कैबिनेट ने खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-D से ग्रुप-C में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस पद को ग्रुप-C के पे मैट्रिक्स लेवल-2 (एफपीएल-2) में रखा जाएगा।

इसके लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग के सेवा नियमों में बदलाव किया जाएगा। माइनिंग गार्ड का पद अब ग्रुप-C के संबंधित नियमों के तहत आएगा।

सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पूर्व अग्निवीरों के लिए घोषित आरक्षण और अन्य लाभों को लागू करने में मदद मिलेगी।

पहले से घोषित हैं कई लाभ

हरियाणा सरकार पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण देने की नीति लागू कर चुकी है। इसके तहत अधिकतम आयु सीमा में छूट और सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) से छूट जैसे लाभ भी निर्धारित किए गए हैं।

माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-C में लाने से यह वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड, कारागार विभाग के वार्डर और गृह विभाग के पुलिस कांस्टेबल जैसे पदों की श्रेणी में आ जाएगा।

इस संबंध में सेवा नियमों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी भी ली जाएगी।