हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला स्तर पर 'एक्सपर्ट टीचर टीम' गठित करेगी और 'Stumble Lab' जैसे नवाचारों को पूरे प्रदेश में लागू करने पर विचार कर रही है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda ने साफ कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है, ताकि प्रदेश का अंतिम पायदान पर खड़ा विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त कर सके।
शिक्षा मंत्री बुधवार को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों DEEO की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सरकारी स्कूलों की वर्तमान स्थिति, शिक्षा सुधार की योजनाओं और नई कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कैथल की उपायुक्त Aparajita ने जिले के कई सरकारी स्कूलों में शुरू की गई ‘Stumble Lab’ परियोजना का प्रस्तुतिकरण दिया। इस मॉडल के जरिए विद्यार्थियों में व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार और तकनीकी समझ विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने इस प्रकार के प्रयोगों को शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले से 15 से 20 ऐसे प्रतिभाशाली और अनुभवी शिक्षकों की पहचान की जाए, जो अपने कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इन शिक्षकों की विशेष टीम बनाई जाएगी, जो अपने अनुभव, नवाचार और शिक्षण तकनीकों के माध्यम से स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल को पहले जिला स्तर पर लागू कर इसकी प्रभावशीलता को परखा जाएगा। यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो इसे पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ को सबसे पहले लागू किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों को तैयार करना चाहता है जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार और आधुनिक तकनीकों को शामिल करना जरूरी है।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने निजी और सरकारी दोनों प्रकार के स्कूलों में अभिभावकों को आने वाली समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिभावकों की शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक Jitendra Dahiya, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर Varsha Khangwal सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

