कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। स्कूल में आने वाले व्यक्ति को सबसे पहले विजिटर रजिस्टर में एंट्री करनी होगी और इसके बाद प्रिंसिपल से लिखित अनुमति लेनी होगी। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में अनधिकृत लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

निर्देशों के मुताबिक बाहरी व्यक्ति को बिना अनुमति स्कूल की कक्षा, लैब, लाइब्रेरी, शौचालय और खेल मैदान में जाने की अनुमति नहीं होगी। विद्यार्थियों और शिक्षकों की फोटो-वीडियो बनाने, इंटरव्यू लेने, ऑडियो रिकॉर्डिंग करने और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक रहेगी। खास तौर पर प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से स्कूल पहुंचने वाले लोगों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो स्कूल प्रबंधन को इसकी सूचना तत्काल पुलिस को लिखित रूप में देनी होगी। मामले की प्रकृति के अनुसार संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि गांव के जिम्मेदार लोगों को साथ लेकर आने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल पूरे समाज की धरोहर हैं और बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी बच्चे के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

मीडिया कवरेज को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि मीडिया को पहले से पता है कि उसे कहां तक काम करना है। लेकिन किसी भी व्यक्ति को स्कूल में प्रवेश कर बच्चों के साथ गलत व्यवहार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक चमकाने के लिए किसी को स्कूल में प्रवेश की अनुमति क्यों दी जाए। विभाग का जोर स्कूलों को सुरक्षित रखने और बाहरी लोगों की अनधिकृत गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने पर है।

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