खूंटी। जिले में सर्पदंश के बढ़ते मामलों और इससे होने वाली मौतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष पहल शुरू की है। प्रशासन की ओर से सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें लोगों से अपील की गई है कि सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और बिना देर किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है।

सांप काटे तो सबसे पहले क्या करें?

प्रशासन के मुताबिक, सर्पदंश के बाद पीड़ित को घबराने से रोकना चाहिए और उसे शांत अवस्था में रखना चाहिए। यदि हाथ में सांप ने काटा है तो हाथ को मोड़कर फ्रैक्चर की स्थिति की तरह लटकाकर रखने की सलाह दी गई है।

इसके बाद पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपचार किया जा सके।

दंश वाली जगह पर ये गलती बिल्कुल न करें

गाइडलाइन में लोगों को कुछ सामान्य लेकिन खतरनाक तरीकों से बचने की स्पष्ट सलाह दी गई है। सांप के काटने वाली जगह को—

0 काटना नहीं चाहिए।
0 मुंह से चूसकर जहर निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
0 दंश वाली जगह को दबाना नहीं चाहिए।
0 पीड़ित को अनावश्यक रूप से चलाना या खड़ा नहीं करना चाहिए।

प्रशासन ने जोर दिया है कि पीड़ित को शांत रखते हुए जल्द से जल्द चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें

प्रशासन ने सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक या पारंपरिक उपचार के चक्कर में समय गंवाने से बचने की अपील की है। गाइडलाइन के अनुसार, इलाज में देरी होने पर पीड़ित की हालत गंभीर हो सकती है।

ऐसे में किसी भी तरह की देरी किए बिना अस्पताल पहुंचना जरूरी है, ताकि चिकित्सक समय पर आवश्यक उपचार शुरू कर सकें।

इमरजेंसी में 108 पर करें कॉल

आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए 108 टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से जुड़ी जानकारी के लिए 14555 और 10883456540 पर संपर्क करने की जानकारी प्रशासन ने दी है।

स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या शिकायत के लिए 104 राज्य हेल्पलाइन भी उपलब्ध है। प्रशासन के अनुसार, 104 हेल्पलाइन सेवा 24 घंटे नि:शुल्क संचालित होती है।

सर्पदंश के बाद एक-एक मिनट अहम

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने की स्थिति में घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। समय पर अस्पताल पहुंचना पीड़ित के उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।