15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। यह शुल्क पेमेंट लेने वाले पात्र व्यापारियों से लिया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन तय की गई है। वहीं, 2,000 रुपये तक के UPI मर्चेंट पेमेंट और व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। इस फैसले पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘फूफा’ बहुत नाराज हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस फैसले से लोगों की जेब पर बड़ा असर पड़ेगा।

व्यापारी आम लोगों से ही वसूलेगा: संजय सिंह

संजय सिंह ने MDR को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कहना हास्यास्पद है कि शुल्क व्यापारियों से लिया जाएगा, इसलिए इसका आम लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगाया गया कोई भी अतिरिक्त शुल्क आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही डाला जाएगा। संजय सिंह ने कहा, “आप जो टैक्स लगाओगे, वो वसूला तो उपभोक्ता से ही जाएगा। व्यापारी कोई रिश्तेदार तो नहीं है। जितना टैक्स आप लगाएंगे, आम आदमी से ही वसूला जाएगा।”

MDR चार्ज की बड़ी बातें

2,000 रुपये से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR व्यापारियों से लिया जाएगा।

75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम 300 रुपये MDR लागू होगा।

नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की बात कही गई है।

MDR (Merchant Discount Rate) डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी से लिया जाने वाला शुल्क है।

2,000 रुपये तक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा।

दो व्यक्तियों के बीच होने वाले P2P लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा और वे पहले की तरह शुल्क-मुक्त रहेंगे।

अब व्यापारी कहेगा- हमें कैश में दीजिए: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि MDR लगाए जाने से व्यापारी डिजिटल भुगतान लेने के बजाय ग्राहकों से नकद भुगतान करने को कह सकते हैं। उन्होंने कहा, “आप डिजिटल इंडिया का जो ढिंढोरा पीट रहे थे, अब व्यापारी कहेगा कि हमें कैश में दीजिए। व्यापारी 5,000 रुपये और 10 हजार रुपये घर से लाने के लिए कहेगा। हम आपसे ऑनलाइन नहीं लेंगे।” संजय सिंह ने कहा कि पहले लोगों को डिजिटल भुगतान की आदत डाली गई और अब उस पर शुल्क लगाने की बात कही जा रही है। उन्होंने दावा किया कि संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि किराना दुकानदारों और छोटे व्यापारियों पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा। सिंह ने कहा कि राशन की खरीदारी में 5,000-6,000 रुपये का भुगतान आसानी से हो जाता है और ऐसे में इस व्यवस्था का आम लोगों पर असर पड़ेगा।

संजय सिंह ने यूपीआई से होने वाले आर्थिक लाभ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि यूपीआई से 1,800 करोड़ रुपये का मुनाफा हो रहा था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को और कितना मुनाफा चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑनलाइन लेनदेन के लिए अच्छी व्यवस्था तैयार की है और इससे 1,800 करोड़ रुपये का मुनाफा होने के बावजूद अब सुविधा देने के बदले अतिरिक्त शुल्क लेने की बात कही जा रही है।

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