सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी के नाम से मशहूर सिंगरौली में लगातार पैर पसारते उद्योगों के साथ बढ़ता प्रदूषण अब एक विकराल समस्या बन चुका है। प्रदूषण की चिंता करते हुए पूर्व सांसद और वर्तमान में सीधी से विधायक रीति पाठक के एक बयान ने क्षेत्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 10 वर्षों तक क्षेत्र की सांसद रहीं रीति पाठक ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल में प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
ये भी पढ़ें: MP सरकार का बड़ा तोहफा: 50 लाख संपत्तियों की होगी ‘फ्री रजिस्ट्री’, जानें कैसे मिलेगा लाभ
10 साल तक सांसद रहीं, पर बेअसर रहा पत्रों का लिखना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों द्वारा सिंगरौली के प्रदूषण और दूषित पानी को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व सांसद रीति पाठक ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मैंने प्रदूषण को लेकर लगातार पत्र तो बहुत लिखे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो पाया। पत्र लिखे गए… पर ज़मीनी स्तर पर कोई असरदार कार्रवाई नहीं हुई।
10 साल की खामोशी पर जनता पूछ रही सवाल- आखिर जिम्मेदार कौन?
रीति पाठक के इस बयान के बाद अब सिंगरौली की जनता और विपक्ष तीखे सवाल खड़े कर रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब 10 साल तक सांसद रहते हुए लगातार पत्राचार किया गया, तो प्रशासन और संबंधित विभागों ने उस पर ध्यान क्यों नहीं दिया? आज सिंगरौली के नागरिक जहरीली हवा, उड़ती राखड़ और दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं और कैंसर व सांस की बीमारियों जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने को मजबूर हैं।
ये भी पढ़ें: धीरेंद्र शास्त्री के भाई की जमानत मंजूर: 2 महीने से जेल में है बंद, जानें क्या है मामला
पूर्व सांसद का यह बयान एक तरफ उनकी लाचारी को दर्शाता है, तो दूसरी तरफ सिंगरौली की उस जनता के दर्द को बयां करता है जो सालों से स्वच्छ हवा और पानी की आस में बैठी है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



