बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में दावा किया है कि उनका WhatsApp अकाउंट बंद कर दिया गया है। पिछले दो हफ्तों से वे लगातार बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सक्रिय रहकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। अचानक अकाउंट बंद होने पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए कड़ा विरोध जताया है और सरकार व मेटा से जवाब मांगा है।
पप्पू यादव के गंभीर सवाल और X पर पोस्ट
पप्पू यादव ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उनका WhatsApp बिना किसी स्पष्ट कारण के ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने और उनकी सेवा करने से देश को या व्यवस्था को क्या खतरा पैदा हो गया है? उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए यह भी पूछा कि किसके इशारे पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। सांसद ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार या कोई भी एजेंसी उन्हें जनता की सेवा करने से रोक नहीं सकती और वे गरीबों के लिए हर कुर्बानी देने को पूरी तरह तैयार हैं।
बीजेपी का पलटवार
पप्पू यादव के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी प्रवक्ता अरविंद सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि पप्पू यादव बाढ़ पीड़ितों की सेवा करें, इसमें किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो या कंटेंट अपलोड करने से बचना चाहिए जो बच्चों और मानवता को शर्मसार करते हों। बीजेपी प्रवक्ता के अनुसार, मेटा ने नियमों का उल्लंघन करने और इसी तरह के संवेदनशील कंटेंट के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पप्पू यादव एक लोकसभा सांसद हैं और उन्होंने संविधान की शपथ ली है, इसलिए उन्हें अपने पद की गरिमा और सोशल मीडिया के सभी नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।



